भोपाल। मध्य प्रदेश में होटल, मॉल और औद्योगिक इकाइयों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। राज्य सरकार ने मंगलवार को एक बड़ा आदेश जारी करते हुए कमर्शियल LPG (बल्क और पैक्ड) की सप्लाई तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया है। इस फैसले से पूरे प्रदेश के कारोबारी सकते में हैं।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय की तरफ से सभी जिला कलेक्टरों को भेजे गए इस आदेश के पीछे की वजह अंतरराष्ट्रीय हालात को बताया गया है। सरकार का तर्क है कि दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव के कारण आयातित ईंधन के बाजार में भारी उतार-चढ़ाव है।

ऐसे में यह एहतियाती कदम उठाया गया है, ताकि आम लोगों के घरों में इस्तेमाल होने वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कोई कमी न हो।

घरेलू गैस बचेगी, पर धंधे का क्या?

सरकार ने साफ कहा है कि अब कारोबार और विकास के कामों के लिए LPG की जगह दूसरे वैकल्पिक ईंधनों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। आदेश तो आ गया, लेकिन होटल और फैक्ट्री मालिक परेशान हैं कि वे रातों-रात यह बदलाव कैसे करेंगे। इस फैसले का सीधा असर उत्पादन और सेवाओं की लागत पर पड़ सकता है।

सवाल यह है कि जो उद्योग पूरी तरह LPG पर निर्भर थे, उनका क्या होगा?

कलेक्टरों को मिली निगरानी की जिम्मेदारी

सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी मशीनरी को अलर्ट पर रखा है। कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे तुरंत अपने जिलों में खाद्य विभाग और गैस कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक करें। इन बैठकों में LPG के स्टॉक और वितरण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

इसके साथ ही, तेल कंपनियों को भी अपने फील्ड अधिकारियों के जरिए जिलों में LPG आपूर्ति पर लगातार नजर रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।