भोपाल। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण से लेकर समान नागरिक संहिता तक प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं और अब तक उठाए गए कदमों की तस्वीर सामने रखी। उन्होंने लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाओं के आंकड़े साझा किए, वहीं विधानसभा में पारित नारी शक्ति वंदन संकल्प और प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में सरकार के कदम का भी जिक्र किया।
लाड़ली बहना से सवा करोड़ महिलाओं को लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ प्रदेश की करीब 1 करोड़ 25 लाख महिलाओं को मिल रहा है। वहीं लाड़ली लक्ष्मी योजना से 53 लाख 55 हजार से ज्यादा बेटियां जुड़ी हैं।
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए चल रही लखपति गौपालक दीदी योजना का भी उन्होंने जिक्र किया। इसके जरिए नस्ल सुधार और बछिया पालन से महिलाओं की आमदनी बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के स्टार्टअप में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की भी बात की। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में करीब 8 हजार स्टार्टअप हैं और इनमें लगभग आधे की अगुवाई महिलाएं कर रही हैं।
नारी शक्ति वंदन संकल्प का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने 27 अप्रैल 2026 को विधानसभा के विशेष सत्र में पारित ‘नारी शक्ति वंदन’ संकल्प की भी बात की। यह संकल्प संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा है।
UCC को लेकर सरकार का रुख दोहराया
अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में सरकार के फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सभी के लिए समान कानून की व्यवस्था और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने UCC को महिलाओं के अधिकारों से भी जोड़ते हुए कहा कि इससे भेदभावपूर्ण व्यवहार खत्म करने और महिलाओं को अन्याय से बचाने में मदद मिलेगी।
18 अगस्त से संत रविदास की 650वीं जयंती के आयोजन
मुख्यमंत्री ने संत रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती को लेकर भी सरकार के कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 अगस्त 2026 से प्रदेशभर में इससे जुड़े आयोजन शुरू होंगे।
इस तरह मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में किसी एक नई योजना की घोषणा के बजाय महिला सशक्तिकरण, समान कानून और सामाजिक समरसता से जुड़े सरकार के मौजूदा फैसलों और आगे की दिशा को प्रदेश के सामने रखा।






