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स्वतंत्रता दिवस पर ग्वालियर सेंट्रल जेल से 6 बंदियों की रिहाई, अच्छे आचरण का मिला तोहफा

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ग्वालियर सेंट्रल जेल से 6 बंदियों को रिहा किया गया। जेल में अच्छे आचरण, अनुशासन और सुधारात्मक व्यवहार के आधार पर इन बंदियों को आजादी का तोहफा मिला। रिहाई के बाद बंदियों ने नई शुरुआत करने और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लिया।
स्वतंत्रता दिवस पर ग्वालियर सेंट्रल जेल से 6 बंदियों की रिहाई, अच्छे आचरण का मिला तोहफा

देशभर में आज स्वतंत्रता दिवस का पर्व 15 अगस्त उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। इसी अवसर पर ग्वालियर केंद्रीय जेल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां लंबे समय से सजा काट रहे छह बंदियों को खुली हवा में सांस लेने की आजादी का तोहफा मिला। जेल प्रशासन ने सभी बंदियों को प्रमाण पत्र सौंपकर रिहा किया और समाज में एक अच्छे नागरिक की भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया।

जेल अधीक्षक राकेश बांगरे ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार के नियमानुसार वर्ष में 15 अगस्त, 26 जनवरी तथा दो अन्य विशेष अवसरों पर पात्र बंदियों की सजा में छूट दी जाती है। इसके लिए बंदियों के जेल में आचरण, अनुशासन, कार्य के प्रति निष्ठा और सुधारात्मक व्यवहार को प्रमुख आधार बनाया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत ग्वालियर केंद्रीय जेल में बंद छह कैदियों को पात्र पाए जाने पर रिहा करने का निर्णय लिया गया।

14 साल तक जेल में रहे, अब नई जिंदगी की शुरुआत

रिहा हुए बंदियों में कई ऐसे थे, जिन्होंने करीब 14 साल तक जेल में रहकर अपनी सजा पूरी की। जेल की चारदीवारी और सलाखों से बाहर निकलते समय उनके चेहरों पर खुशी के साथ भावुकता भी नजर आई। लंबे समय बाद आजादी का अहसास और अपने परिवार तथा अपनों से मिलने की उम्मीद उनके लिए बेहद खास थी।

रिहाई के लिए राज्य शासन और जेल प्रशासन का आभार जताया

रिहाई के बाद बंदियों ने सरकार और जेल प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जेल में अनुशासित जीवन जीने और सकारात्मक व्यवहार बनाए रखने का उन्हें लाभ मिला। उनका कहना था कि जेल प्रशासन की ओर से सुधार और अच्छे आचरण के लिए लगातार प्रेरित किया गया, जिससे उन्हें अपनी जिंदगी को नए तरीके से शुरू करने का हौसला मिला है। उन्होंने कहा कि गुस्से और क्षणिक आवेश में लिया गया फैसला पूरे जीवन को बर्बाद कर देता है, इसलिए जीवन में धैर्य, संयम और कानून का पालन करना आवश्यक है।

Bhawna Choubey
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