भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ने लगी हैं। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर बना हुआ है, वहीं अब अगले चार दिनों तक कई जिलों में तेज बारिश के आसार हैं। 15 अगस्त के लिए नर्मदापुरम, उमरिया और छतरपुर में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मंडला और मंदसौर में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कई जिलों में बिजली गिरने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
इन 3 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
15 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 16 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक नर्मदापुरम, उमरिया और छतरपुर में अति भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। मंडला में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। मंदसौर में भी भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी गई है।

भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में गरज-चमक
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर और नीमच समेत प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर के साथ पूर्वी मध्य प्रदेश के भी कई जिलों में बारिश और गरज-चमक का दौर बने रहने के आसार हैं।

16 अगस्त को भी तेज बारिश का दौर
मौसम का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा। 16 अगस्त को भी नर्मदापुरम, उमरिया और छतरपुर में अति भारी बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा प्रदेश के कई दूसरे जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
17 अगस्त को बारिश का क्षेत्र आगे बढ़ने के साथ अलग-अलग जिलों में भारी से अति भारी बारिश के आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग के ताजा जिला-वार पूर्वानुमान में अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के बड़े हिस्से में गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना भी जताई गई है।

एक साथ कई सिस्टम सक्रिय
प्रदेश के मौसम पर इस समय कई मौसमी सिस्टम का असर पड़ रहा है। मानसून ट्रफ के साथ अलग-अलग हिस्सों में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण नमी आ रही है और बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं। इसी के असर से अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर बने रहने के आसार हैं।
प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान 1 जून से 14 अगस्त 2026 तक औसत से 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में मध्य प्रदेश में सामान्य तौर पर 607.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 530.2 मिमी बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में स्थिति ज्यादा कमजोर है, जहां औसत से 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है। यहां सामान्य 665.5 मिमी के मुकाबले 534.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। यहां सामान्य 563.3 मिमी के मुकाबले अब तक 526.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है।






