मध्य प्रदेश में अब अवैध खनिज परिवहन को रोकने के लिए नई तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। AI आधारित ई-चेक गेट सिस्टम लागू होने के बाद अब बिना किसी मानव हस्तक्षेप के ही गाड़ियों की जांच होगी। यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से खनिज के अवैध परिवहन को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
इंदौर जिले में इस सिस्टम की शुरुआत हो चुकी है, जहां से गुजरने वाले हर वाहन की जांच अब पूरी तरह डिजिटल तरीके से की जा रही है। MP AI ई-चेक गेट सिस्टम आने वाले समय में पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा, जिससे निगरानी और सख्ती दोनों बढ़ेंगी।
कैसे काम करेगा यह सिस्टम
MP AI ई-चेक गेट सिस्टम एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें तकनीक के जरिए हर वाहन की जानकारी अपने आप रिकॉर्ड हो जाती है। जब कोई वाहन ई-चेक गेट से गुजरता है, तो वहां लगे कैमरे और सेंसर तुरंत उसकी पहचान कर लेते हैं।
इस सिस्टम में वेरीफोकल कैमरा, एएनपीआर और आरएफआईडी रीडर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन सभी तकनीकों की मदद से वाहन का नंबर, उसमें लदे खनिज की मात्रा और वजन का मिलान अपने आप हो जाता है। MP AI ई-चेक गेट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें किसी व्यक्ति की जरूरत नहीं होती, जिससे गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की संभावना भी कम हो जाती है।
इंदौर में शुरू हुई कार्रवाई, सीधे कट रहा ई-चालान
MP AI ई-चेक गेट के लागू होते ही कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इंदौर में इस सिस्टम के तहत अब बिना ई-ट्रांजिट पास (ई-टीपी) के खनिज ले जाने वाले वाहनों पर सीधे ई-चालान किया जा रहा है। अगर कोई वाहन तय मात्रा से ज्यादा खनिज लेकर चलता है या उसके पास वैध दस्तावेज नहीं होते, तो उसके खिलाफ तुरंत ऑनलाइन कार्रवाई की जाती है। खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि MP AI ई-चेक गेट सिस्टम से अब किसी भी तरह की लापरवाही या नियम तोड़ने पर तुरंत पकड़ हो सकेगी।
प्रदेशभर में बढ़ रहा नेटवर्क, 40 गेट पहले से सक्रिय
MP AI ई-चेक गेट सिस्टम सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदेशभर में अब तक करीब 40 ई-चेक गेट सक्रिय किए जा चुके हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी। इंदौर में भी अन्य प्रमुख मार्गों पर नए गेट लगाने की तैयारी की जा रही है, जिससे हर रूट पर निगरानी मजबूत हो सके। यह नेटवर्क जितना बड़ा होगा, अवैध खनिज परिवहन को रोकना उतना ही आसान हो जाएगा। MP AI ई-चेक गेट सिस्टम इस दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
RFID टैग से होगी हर गाड़ी की पहचान
MP AI ई-चेक गेट सिस्टम में हर खनिज परिवहन वाहन पर आरएफआईडी टैग लगाना अनिवार्य किया गया है। यह टैग वाहन के फ्रंट विंडशील्ड पर लगाया जाएगा। जैसे ही वाहन गेट से गुजरेगा, सिस्टम उसे पहचान लेगा और उसकी पूरी जानकारी अपने आप रिकॉर्ड हो जाएगी। इससे यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि वाहन कहां से आया है और उसमें कितना खनिज है। इस व्यवस्था से ट्रैकिंग आसान होगी और कोई भी वाहन नियमों से बच नहीं पाएगा।
अवैध खनिज परिवहन पर क्या असर पड़ेगा
MP AI ई-चेक गेट सिस्टम लागू होने के बाद अवैध खनिज परिवहन पर सीधा असर पड़ेगा। पहले जहां निगरानी सीमित थी और कई बार गाड़ियां बिना जांच के निकल जाती थीं, वहीं अब हर वाहन पर नजर रखी जाएगी। इससे न सिर्फ राजस्व का नुकसान रुकेगा, बल्कि पर्यावरण को होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सकेगा।






