मध्यप्रदेश की जीवनरेखा कही जाने वाली मां नर्मदा के प्रकटोत्सव को लेकर इस बार भी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। आज से शुरू हो रहे मां नर्मदा प्रकटोत्सव से पहले प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। घाटों से लेकर जलमंच तक व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रकटोत्सव को लेकर शुक्रवार को उस समय खास नजारा देखने को मिला, जब प्रशासनिक अधिकारी बोट के जरिए जलमंच तक पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
जलमंच तक बोट से पहुंचे अधिकारी
मां नर्मदा प्रकटोत्सव की तैयारियों के तहत शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने जलमंच तक बोट से पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने जलमंच की संरचना, मंच की मजबूती, बिजली व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए मार्ग सुरक्षित हैं या नहीं और कहीं जलस्तर बढ़ने से कोई खतरा तो नहीं है। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही न हो और हर स्तर पर निगरानी रखी जाए।
सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष जोर
प्रकटोत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। नदी किनारे बड़े आयोजनों में छोटी सी चूक भी बड़ा हादसा बन सकती है इसलिए प्रशासन हर पहलू पर ध्यान दे रहा है।
पुलिस, होमगार्ड, एसडीआरएफ और स्वयंसेवी संगठनों की मदद से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। नावों की संख्या बढ़ाई गई है और प्रशिक्षित गोताखोरों को भी तैनात किया गया है। साथ ही कंट्रोल रूम से पूरे आयोजन की निगरानी की जाएगी।
घाटों पर साफ-सफाई और सजावट का काम तेज
मां नर्मदा प्रकटोत्सव को लेकर घाटों की साफ-सफाई और सजावट का काम भी अंतिम चरण में है। घाटों को फूलों और रोशनी से सजाया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक और दिव्य वातावरण का अनुभव हो सके। नगर निगम और अन्य विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि घाटों पर गंदगी न रहे और कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था हो।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और दीपदान की तैयारियां
प्रकटोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। भजन, कीर्तन और नर्मदा महिमा पर आधारित प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। जलमंच पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए साउंड, लाइट और मंच की विशेष व्यवस्था की गई है। दीपदान प्रकटोत्सव का सबसे मनोहारी दृश्य माना जाता है। हजारों दीप जब एक साथ नर्मदा जल में प्रवाहित होते हैं, तो पूरा तट रोशनी से जगमगा उठता है।





