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भारत का सिर्फ ‘दिल’ ही नहीं, इन 5 नामों से भी पहचाना जाता है मध्य प्रदेश

Written by:Bhawna Choubey
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मध्य प्रदेश को हम अक्सर सिर्फ ‘भारत का दिल’ कहकर जानते हैं, लेकिन इसकी पहचान यहीं खत्म नहीं होती। टाइगर स्टेट से लेकर हीरा राज्य और मिनी इंडिया तक, एमपी के ये अनोखे नाम इसकी प्रकृति, संस्कृति और इतिहास की गहरी कहानी बयां करते हैं।
भारत का सिर्फ ‘दिल’ ही नहीं, इन 5 नामों से भी पहचाना जाता है मध्य प्रदेश

जब हम भारत के नक्शे पर नजर डालते हैं, तो ठीक बीचों-बीच एक राज्य अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है, मध्य प्रदेश। आमतौर पर इसे भारत का दिल कहा जाता है, लेकिन सच यह है कि मध्य प्रदेश की पहचान सिर्फ एक नाम तक सीमित नहीं है। इसकी भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संपदा, वन्यजीव, नदियां, खनिज और सांस्कृतिक विविधता ने इसे देश के सबसे अनोखे राज्यों में शामिल किया है।

हम अगर मध्य प्रदेश को समझना चाहें, तो सिर्फ किताबों या नक्शों से नहीं, बल्कि इसके अलग-अलग नामों के पीछे छिपी कहानियों से समझ सकते हैं। ये नाम किसी प्रचार का हिस्सा नहीं, बल्कि यहां की जमीन, जंगल और लोगों की सच्ची पहचान हैं। आइए जानते हैं मध्य प्रदेश के उन 5 अनोखे नामों के बारे में, जिनकी वजह से यह राज्य देश और दुनिया में खास माना जाता है।

भारत का दिल

मध्य प्रदेश को भारत का दिल कहा जाना महज एक भावनात्मक बात नहीं है, बल्कि इसके पीछे ठोस भौगोलिक कारण हैं। यह राज्य भारत के बिल्कुल मध्य में स्थित है और उत्तर भारत व दक्षिण भारत के बीच एक प्राकृतिक सेतु की तरह काम करता है। सड़क, रेल और व्यापारिक मार्गों के लिहाज से भी मध्य प्रदेश की भूमिका हमेशा अहम रही है।

टाइगर स्टेट

प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए मध्य प्रदेश किसी स्वर्ग से कम नहीं है। इसे टाइगर स्टेट का दर्जा इसलिए मिला है क्योंकि देश में सबसे ज्यादा बाघ यहीं पाए जाते हैं। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में 785 से ज्यादा बाघ मौजूद हैं, जो इसे इस मामले में देश में पहले स्थान पर लाते हैं। कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा जैसे 9 टाइगर रिजर्व न केवल बाघ संरक्षण के केंद्र हैं, बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार का भी बड़ा साधन बने हुए हैं।

सोया स्टेट और प्रोटीन कैपिटल

खेती-किसानी की बात करें तो मध्य प्रदेश की पहचान और भी मजबूत हो जाती है। इसे सोया स्टेट या प्रोटीन कैपिटल कहा जाता है, क्योंकि देश के कुल सोयाबीन उत्पादन का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले मध्य प्रदेश से आता है। यहां की मिट्टी और जलवायु सोयाबीन की खेती के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है।

हीरा राज्य

मध्य प्रदेश की पहचान सिर्फ हरियाली और नदियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी धरती के नीचे भी बेशकीमती खजाना छिपा है। इसे हीरा राज्य कहा जाता है, क्योंकि भारत में हीरों का सबसे बड़ा भंडार यहीं पाया जाता है। पन्ना जिले की हीरा खदानें पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। आंकड़ों के मुताबिक, भारत के कुल हीरा भंडार का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा मध्य प्रदेश में मौजूद है।

मिनी इंडिया

मध्य प्रदेश को मिनी इंडिया कहना भी बिल्कुल गलत नहीं होगा। यह राज्य पांच अलग-अलग राज्यों की सीमाओं से घिरा हुआ है, जिसकी वजह से यहां भाषा, खान-पान और संस्कृति में अद्भुत विविधता देखने को मिलती है। मालवा की मिठास, बुंदेलखंड का शौर्य और बघेलखंड की सादगी सब कुछ एक ही राज्य में नजर आता है।