नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही लोगों को नई उम्मीदें होती हैं, लेकिन इस बार मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल से शुरुआत कुछ अलग ही है। इस बार साल की शुरुआत राहत नहीं, बल्कि बढ़ती महंगाई के साथ हो रही है।
हर आम आदमी के जीवन से जुड़े कई ऐसे नियम बदल रहे हैं, जिनका सीधा असर उनकी जेब पर पड़ेगा। चाहे घर बनाना हो, बिजली का बिल भरना हो या फिर रोजाना सफर करना हर जगह खर्च बढ़ने वाला है।
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प्रॉपर्टी खरीदना होगा और महंगा
अगर आप नया घर या जमीन खरीदने का सोच रहे हैं, तो अब आपको पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। सरकार ने कलेक्टर गाइडलाइन की दरों में औसतन 16% की बढ़ोतरी कर दी है। इसका मतलब है कि रजिस्ट्री कराने में अब ज्यादा खर्च आएगा। करीब 65 हजार जगहों पर नई दरें लागू होंगी। साथ ही मकान निर्माण की लागत भी बढ़ गई है, जिससे घर बनाना और महंगा हो जाएगा। यह बदलाव सीधे तौर पर मिडिल क्लास लोगों को प्रभावित करेगा, जो लंबे समय से अपना घर खरीदने का सपना देख रहे हैं।
बिजली बिल में भी बढ़ेगा बोझ
मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी यह खबर राहत भरी नहीं है। नए टैरिफ के अनुसार बिजली की दरों में लगभग 4.80% की बढ़ोतरी की गई है। इससे करीब 1.5 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा। हालांकि 100 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वालों को कुछ राहत दी गई है, लेकिन जैसे ही खपत 150 यूनिट से ऊपर जाएगी, बिल तेजी से बढ़ेगा। फिक्स्ड चार्ज भी बढ़ा दिया गया है, जिससे कुल बिल और ज्यादा आएगा।
सफर भी अब पड़ेगा भारी
अगर आप रोजाना गाड़ी से सफर करते हैं, तो आपके खर्च में भी बढ़ोतरी होने वाली है। नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स में 5 से 10% तक की बढ़ोतरी की जा रही है। इसका असर उन लोगों पर ज्यादा पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। कार चालकों को अब हर टोल प्लाजा पर ज्यादा पैसे देने होंगे। इसके अलावा FASTag से मिलने वाला सालाना पास भी महंगा हो जाएगा।
रोजमर्रा की जिंदगी पर असर
इन सभी बदलावों का असर सिर्फ बड़े खर्चों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह रोजमर्रा की जिंदगी को भी प्रभावित करेगा। जब बिजली महंगी होगी, तो घर का बजट बिगड़ेगा। जब सफर महंगा होगा, तो आने-जाने का खर्च बढ़ेगा। और जब प्रॉपर्टी महंगी होगी, तो घर खरीदना मुश्किल हो जाएगा।