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ऋषिकेश बंजी जंपिंग पर की गई सख्ती, पर्यटन विभाग ने SOP लागू की, हादसे के बाद सुरक्षा मानकों पर दिया जोर

Written by:Banshika Sharma
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उत्तराखंड के पर्यटन विभाग ने ऋषिकेश में बंजी जंपिंग स्टेशनों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है। इसके साथ ही इसके लिए विस्तृत नियमावली तैयार की जा रही है। दरअसल पिछले साल हुए एक हादसे के बाद आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की सिफारिशों पर यह कदम उठाया गया है।
ऋषिकेश बंजी जंपिंग पर की गई सख्ती, पर्यटन विभाग ने SOP लागू की, हादसे के बाद सुरक्षा मानकों पर दिया जोर

ऋषिकेश में बंजी जंपिंग का रोमांच अब और भी सुरक्षित होगा। दरअसल उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने राज्य के सभी बंजी जंपिंग स्टेशनों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है। इसके साथ ही, एक विस्तृत नियमावली तैयार करने का काम भी शुरू हो गया है। बता दें कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य साहसिक खेलों में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की लापरवाही को जड़ से खत्म करना है।

दरअसल ऋषिकेश देश के प्रमुख बंजी जंपिंग केंद्रों में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। बता दें कि हर साल हजारों पर्यटक यहां आकर इस रोमांचक खेल का अनुभव लेते हैं। हालांकि, अब तक इस क्षेत्र में कोई स्पष्ट नियमावली नहीं थी, जिसके कारण सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से लागू करना एक बड़ी चुनौती थी। इस कमी को देखते हुए, पर्यटन विभाग ने अब ठोस कदम उठाए हैं, ताकि पर्यटकों को बिना किसी जोखिम के यह अनुभव मिल सके।

पिछले साल हुआ था हादसा

दरअसल, पिछले साल हिमालयन थ्रिल बंजी जंपिंग स्टेशन पर एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ था। इस घटना में एक पर्यटक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसने पूरे राज्य में बंजी जंपिंग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इस हादसे के बाद, विभाग ने तुरंत कार्रवाई की और आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से सभी बंजी जंपिंग स्टेशनों का गहन निरीक्षण कराया। वैज्ञानिकों के विस्तृत मार्गदर्शन में कई महत्वपूर्ण सुरक्षा सिफारिशें तैयार की गईं, जिन्हें अब एसओपी के रूप में सख्ती से लागू किया जा रहा है।

नए सुरक्षा नियम

वहीं नई एसओपी के तहत, बंजी जंपिंग साइट्स को अब अन्य सभी गतिविधियों से पूरी तरह अलग रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मकसद जंपिंग क्षेत्र में किसी भी तरह की बाधा या बाहरी हस्तक्षेप को रोकना है, जिससे दुर्घटना की संभावना कम हो। वहीं जंप मास्टर के लिए पर्वतारोहण संस्थान से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करना और आवश्यक तकनीकी योग्यता होना अब जरूरी है। यह सुनिश्चित करेगा कि जंपिंग की प्रक्रिया एक प्रशिक्षित और सक्षम व्यक्ति की देखरेख में हो।

कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जा रही

इसके साथ ही कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। सभी सहायक कर्मचारियों को न्यूनतम एक वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाना अनिवार्य किया गया है। यह प्रशिक्षण उन्हें आपातकालीन स्थितियों से निपटने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सही ढंग से पालन करने में सक्षम बनाएगा। पर्यटकों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य किया गया है। इससे किसी भी अनहोनी की स्थिति में पर्यटक को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए भी नए नियम बनाए गए हैं। अब हर पर्यटक का पूरा विवरण, जिसमें नाम, पता, संपर्क नंबर और पहचान पत्र शामिल है, संग्रहित कर आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज करना होगा। इसके अलावा, प्रत्येक जंप से पहले सुरक्षा चेकलिस्ट का पूरी तरह पालन करना और उसका दैनिक रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि हर जंप से पहले सभी सुरक्षा जांचें पूरी कर ली गई हैं।

तकनीकी उपकरणों और प्लेटफार्म पर निगरानी के कड़े प्रावधान

दरअसल तकनीकी उपकरणों के उपयोग में भी अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सभी उपकरणों का डिजिटल लॉग में रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा, जिससे उनके उपयोग, रखरखाव और एक्सपायरी डेट की पूरी जानकारी उपलब्ध रहे। केवल आईएसओ प्रमाणित बंजी कॉर्ड का ही उपयोग किया जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा करते हैं। इसके साथ ही, सीट हार्नेस, रोप और अन्य सभी उपकरणों के लिए यूआईएए, सीई और बीआईएस जैसे अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रमाणन जरूरी होंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि उपयोग किए जा रहे उपकरण उच्च गुणवत्ता वाले और सुरक्षित हों।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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