Hindi News

जल्द आएगा मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव, 2 वेदर सिस्टम सक्रिय, 1 हफ्ते बाद पड़ेगी कड़ाके की ठंड, बादल-बूंदाबांदी के भी संकेत

Written by:Pooja Khodani
Published:
राजधानी भोपाल, जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर में अगले 3-4 दिनों तक अधिकतम तापमान 31-32 व न्यूनतम तापमान 18-19 डिसे के बीच आ सकता है।
जल्द आएगा मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव, 2 वेदर सिस्टम सक्रिय, 1 हफ्ते बाद पड़ेगी कड़ाके की ठंड, बादल-बूंदाबांदी के भी संकेत

MP Weather Update Today : मध्य प्रदेश में नवंबर की शुरुआत से मौसम का मिजाज बदलने लगा है।अधिकतर शहरों में रातें सर्द होने लगी हैं, ऐसे में 10 नवंबर से ठंड की दस्तक हो सकती है। 15 नवंबर से राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में कड़ाके की ठंड देखने को मिल सकती है।दो वेदर सिस्टम की एक्टिविटी के चलते इस महीने बादल और बूंदाबांदी के संकेत है।

एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, इस हफ्ते अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 31-32 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिसे रहने का अनुमान है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में शहरों का अधिकतम तापमान 29-30 डिसे तो न्यूनतम तापमान 15 से 19 डिग्री के बीच हो सकता है। राजधानी भोपाल, जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर में अगले 3-4 दिनों तक अधिकतम तापमान 31-32 व न्यूनतम तापमान 18-19 डिसे के बीच आ सकता है।

एमपी मौसम विभाग का नया पूर्वानुमान

वर्तमान में हवाएं पूरी तरह उत्तरी नहीं हुई हैं, ऐसे में वातावरण में नमी बरकारर है। आने वाले दिनों में हवाओं का रुख उत्तरी होने से रात के साथ दिन के तापमान में कमी आएगी और ठंड का असर बढ़ने लगेगा।चार से पांच दिन में प्रदेशभर में औसत तापमान में करीब एक से डेढ़ डिग्री तक की कमी की आने की उम्मीद है।इधर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से एक्टिव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो-प्रेशर एरिया के चलते  नवंबर में कुछ जगह बादल छाने के साथ बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन तेज बारिश के आसार नहीं हैं।

इन शहरों में गिरने लगा है पारा, बढ़ने लगी है ठंड

रायसेन, राजगढ़, रतलाम, भोपाल, गुना, ग्वालियर, इंदौर, खंडवा, छिंदवाड़ा, मंडला, टीकमगढ़, बैतूल, खरगोन, पचमढ़ी और उज्जैन में तापमान 20 डिग्री से नीचे दर्ज किया जा रहा है‌।पिछले 24 घंटे में पचमढ़ी में तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और ग्वालियर-चंबल अंचल में भी रातें ठंडी हुई।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 9 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani
Follow Us :GoogleNews