मध्य प्रदेश का कूनो नेशनल पार्क एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। इस बार वजह है राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का प्रस्तावित दौरा। राष्ट्रपति 21 जून को कूनो पहुंचेंगी और यहां रात्रि विश्राम भी करेंगी। उनके आगमन को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुरक्षा कारणों से 20 जून से पार्क में पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर श्योपुर जिले में माहौल पूरी तरह बदल गया है। कूनो नेशनल पार्क और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा चूक की संभावना को खत्म करने के लिए कई स्तरों पर निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने स्थानीय विभागों को भी जरूरी निर्देश जारी किए हैं ताकि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जा सकें।
गांवों से जंगल तक सर्चिंग अभियान
राष्ट्रपति के दौरे से पहले कूनो नेशनल पार्क के आसपास सुरक्षा एजेंसियों ने सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस की टीमें पार्क के बाहरी हिस्सों, जंगल के रास्तों और आसपास के गांवों में लगातार सर्चिंग कर रही हैं। श्योपुर पुलिस के मुताबिक पार्क से जुड़े संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है।
कूनो के पीपलवाड़ी, अहेरा और टिकटोली गेट समेत कई प्रमुख प्रवेश मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पार्क की सीमाओं से जुड़े करीब 62 गांवों में पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। ग्रामीण इलाकों में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था या सुरक्षा संबंधी चुनौती सामने न आए। यही वजह है कि पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कूनो दौरा क्यों है खास?
कूनो नेशनल पार्क पिछले कुछ वर्षों में देश और दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच चुका है। यहां अफ्रीकी चीता परियोजना के तहत चीतों को बसाया गया है, जिसके बाद यह पार्क वन्यजीव पर्यटन का बड़ा केंद्र बन गया। राष्ट्रपति का दौरा ऐसे समय हो रहा है जब कूनो लगातार पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहचान बना रहा है।
प्रशासन के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 21 जून को कूनो पहुंचने के बाद विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेंगी और अगले दिन पार्क का भ्रमण करेंगी। उनके दौरे की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को सौंपी गई है। इनके सहयोग के लिए करीब 1300 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर श्योपुर जिले में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सड़क मार्गों की मरम्मत, साफ-सफाई, सुरक्षा जांच और संचार व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह दौरा न सिर्फ कूनो नेशनल पार्क बल्कि पूरे श्योपुर जिले के लिए गौरव का विषय है। राष्ट्रपति की मौजूदगी से कूनो को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।






