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मैहर के स्कूल में बच्चों को कागज में परोसा गया मिड-डे मील, सामने आई शर्मनाक सच्चाई

Written by:Bhawna Choubey
Published:
मध्य प्रदेश के मैहर जिले के शासकीय हाई स्कूल भटिगंवा में गणतंत्र दिवस पर आयोजित मिड-डे मील में बच्चों को थाली या पत्तल नहीं, बल्कि किताबों और रद्दी कॉपी के पन्नों पर खाना परोसा गया। घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मैहर के स्कूल में बच्चों को कागज में परोसा गया मिड-डे मील, सामने आई शर्मनाक सच्चाई

26 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश में गणतंत्र दिवस के जश्न के बीच मैहर जिले के शासकीय हाई स्कूल भटिगंवा में आयोजित मिड-डे मील ने बच्चों और अभिभावकों को हैरान कर दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चों को खाना खाने के लिए थाली या पत्तल उपलब्ध नहीं कराई गई बल्कि उन्हें रद्दी किताबों और कॉपी के पन्नों पर भोजन परोसा गया।

मिड-डे मील का हाल

मिड-डे मील कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन देना और उनकी सेहत पर ध्यान देना है। ऐसे में बच्चों को कागज पर भोजन परोसने की घटना गंभीर लापरवाही के दायरे में आती है।

शिक्षा विभाग और प्रशासन की जिम्मेदारी

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से न केवल बच्चों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ता है, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रति जनविश्वास भी कमजोर होता है। प्रशासन को तुरंत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

स्थानीय और सामाजिक प्रतिक्रिया

स्कूल में मिड-डे मील की इस शर्मनाक घटना ने अभिभावकों और स्थानीय समाज में गुस्सा और आक्रोश पैदा कर दिया है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से भोजन उपलब्ध कराना केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। अगर बच्चों को सम्मान और पौष्टिक भोजन नहीं मिलेगा, तो उनका विकास और भविष्य प्रभावित होगा।