महाराष्ट्र सरकार ने डांस बार से जुड़े नियमों को और सख्त बनाने की दिशा में नया विधेयक विधानसभा में पेश किया है। दरअसल सरकार का कहना है कि कुछ होटल, बार और रेस्तरां पुलिस कानून के तहत ऑर्केस्ट्रा या लाइव म्यूजिक का लाइसेंस लेकर बाद में वहां डांस परफॉर्मेंस कराते हैं। इससे 2016 में बने डांस बार कानून के कई नियमों से बचने का रास्ता निकल जाता है। इसी स्थिति को रोकने के लिए सरकार अब लाइसेंस व्यवस्था में बदलाव करना चाहती है।
दरअसल यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार लगातार कानून के पालन और लाइसेंस व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है। वहीं नए नियम लागू होने के बाद डांस से जुड़े कार्यक्रमों के लिए अलग व्यवस्था अपनानी होगी।
जानिए इस बिल में क्या बदलाव प्रस्तावित हैं?
वहीं सरकार की ओर से मंत्री पंकज भोयर ने विधानसभा में यह विधेयक पेश किया। प्रस्ताव के अनुसार होटल, बार और रेस्तरां में ऑर्केस्ट्रा या लाइव म्यूजिक के लिए लाइसेंस अब महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत जारी नहीं किया जाएगा। इसके बजाय ऐसे मामलों को 2016 के डांस बार कानून के दायरे में लाने की तैयारी है।सरकार का मानना है कि मौजूदा व्यवस्था में कुछ संस्थान केवल ऑर्केस्ट्रा लाइसेंस लेकर बाद में उसका इस्तेमाल डांस कार्यक्रम आयोजित करने के लिए करते हैं। इससे डांस बार कानून के कई जरूरी प्रावधानों का पालन नहीं हो पाता।
दरअसल नया बिल इसी कानूनी खामी को दूर करने के उद्देश्य से लाया गया है। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो डांस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने वाले संस्थानों को 2016 के कानून के तहत निर्धारित सभी नियमों का पालन करना होगा। इससे लाइसेंस प्रक्रिया भी एक समान ढांचे में आएगी और निगरानी आसान हो सकेगी।
जानिए डांस बार कानून में बदलाव का उद्देश्य क्या है?
दरअसल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले भी यह कह चुके हैं कि सरकार कानून का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए जरूरी बदलाव करेगी। सरकार के अनुसार कुछ संस्थान मौजूदा नियमों की अलग-अलग व्यवस्थाओं का लाभ उठाकर डांस बार संचालित कर रहे थे। इसी वजह से अब लाइसेंस प्रणाली को एक ही कानूनी ढांचे के तहत लाने की तैयारी की गई है। यदि विधानसभा और आगे की प्रक्रिया के बाद यह विधेयक कानून बन जाता है तो सिर्फ ऑर्केस्ट्रा या लाइव म्यूजिक का लाइसेंस लेकर डांस कार्यक्रम आयोजित करना संभव नहीं होगा।






