महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने बुधवार को बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि सरकार इस समय 12,000 से अधिक पुरुषों के बैंक खातों की जांच कर रही है। आरोप है कि इन पुरुषों ने मुख्यमंत्री माझी लड़की बहन योजना के तहत लाभ उठाया है। बता दें कि यह योजना भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने अगस्त 2023 में शुरू की थी। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर माह 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अदिति तटकरे ने स्पष्ट किया कि जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं के लिए निर्धारित राशि गलत तरीके से घर के पुरुष सदस्यों के खातों में जमा न हो।
12,000 खातों की जांच कर रही सरकार
मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर इस योजना को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि योजना के शुरुआती चरण में लगभग 50 लाख बैंक खाते आधार से लिंक नहीं थे। इस वजह से कई तकनीकी दिक्कतें सामने आईं। तटकरे ने कहा कि योजना लागू होने के बाद आधार सीडिंग को अनिवार्य किया गया, ताकि लाभ सीधे महिलाओं तक पहुंचे और उन्हें अन्य योजनाओं का भी फायदा मिल सके।
इससे पहले, जुलाई में अदिति तटकरे ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के आंकड़े पेश किए थे। इसमें सामने आया था कि करीब 26.34 लाख लोग ऐसे थे, जिन्होंने अपात्र होने के बावजूद इस योजना के लाभ लिए। विभाग ने पाया कि कई परिवारों में दो से अधिक लाभार्थी थे। इसके अलावा, कई आवेदक एक ही समय में अन्य सरकारी योजनाओं से भी लाभ ले रहे थे और कुछ मामलों में पुरुष भी लाभार्थियों की सूची में पाए गए थे।
सरकार ने ऐसे मामलों पर सख्ती दिखाते हुए जून 2025 से अपात्र व्यक्तियों को मिलने वाले लाभ रोक दिए हैं। इन मामलों की विस्तृत जांच जिला कलेक्टरों को सौंपी गई है। अदिति तटकरे ने कहा कि पात्र पाए जाने वालों को जल्द ही योजना का लाभ दोबारा मिलना शुरू होगा। वहीं, जिन्होंने गुमराह कर लाभ लिया, उनके खिलाफ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार से परामर्श के बाद कार्रवाई तय की जाएगी।





