महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर एक बार फिर गरमा गया है। एआईएमआईएम (AIMIM) नेता वारिस पठान ने महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे के भड़काऊ बयान पर कड़ा पलटवार किया है। पठान ने राणे पर हमला बोलते हुए कहा है कि बीजेपी उन्हें ‘छोटा चेतन’ बनाकर मुस्लिमों के खिलाफ गाली दिलवा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा और पूछा कि राणे के ऐसे बयानों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
वारिस पठान ने नितेश राणे के बयानों को सीधे तौर पर ‘भड़काऊ भाषण’ करार दिया। उन्होंने कहा कि राणे अब ‘मंत्री’ बन गए हैं, लेकिन उनके अल्फाज देखिए। पठान ने राणे के जिन बयानों पर आपत्ति जताई उनमें ‘आंखें निकालकर गोटियां खेलूंगा’ और ‘मस्जिद तक आवाज जाने दो’ जैसे शब्द शामिल हैं। पठान ने स्पष्ट कहा कि ये फिल्मी डायलॉग देना बंद करें। उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस से सीधा सवाल किया कि क्या ऐसे भड़काऊ बयानों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा। पठान के अनुसार, यह सीधे तौर पर मुसलमानों को मारने की बात है, जिससे राज्य का माहौल खराब हो रहा है।
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मंत्री बनने के बाद उनके पास कोई काम धंधा बचा नहीं: वारिस पठान
एआईएमआईएम नेता ने राणे को घेरते हुए कहा कि मंत्री बनने के बाद उनके पास कोई काम धंधा बचा नहीं है। पठान ने आरोप लगाया कि राणे को बीजेपी ने सिर्फ मुस्लिमों को गाली देने के लिए ‘प्रमोशन’ दिया है और मंत्री बनाया है। उनका यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में पहले से चले आ रहे तनाव को और बढ़ा सकता है। वारिस पठान ने अपनी बात को मजबूत करने के लिए एक तुलना भी पेश की। उन्होंने कहा कि अगर ‘आंख निकालकर गोटी खेलूंगा’ जैसे अल्फाज अगर वारिस पठान ने बोले होते, तो अब तक बीजेपी वाले उनके पीछे पड़ जाते।
पठान ने आगे कहा, ”मेरे खिलाफ तो भड़काऊ भाषण, एफआईआर, यूएपीए सब करके जेल में डालने तक की बात कर दी होती। इनका पूरा सोशल मीडिया मेरे पीछे लग जाता।” उन्होंने सवाल किया कि अब क्या हुआ है कि सभी खामोश बैठे हैं। पठान ने पूछा कि क्या इस तरह का भाषण देना सही है, क्या ऐसे भाषण देने की इजाजत है? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुंबई में कोई प्रतियोगिता चल रही है क्या, कभी ‘छोटा चेतन’ जाता है तो कभी इनका एक और फालतू आदमी किरीट सोमैया आ जाता है। यह टिप्पणी बीजेपी के अन्य नेताओं पर भी निशाना साधती है, जिनके बयान अक्सर विवादों में रहते हैं।
देवेंद्र फडणवीस से साफ तौर पर कार्रवाई की मांग की
एआईएमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान ने यह भी कहा कि इस तरह के बयानों से वातावरण खराब करने और लोगों को भड़काने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से साफ तौर पर कार्रवाई की मांग की। पठान ने कहा, ”मैं तो चाहता हूं कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी इनके खिलाफ कार्रवाई करें।” उन्होंने संदेह जताया कि मुख्यमंत्री शायद चाहते हैं कि राणे ऐसी बातें बोलें, और इसलिए उन्हें रोकते क्यों नहीं हैं।
वारिस पठान ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि महाराष्ट्र को किस दिशा में लेकर जाना चाहते हैं, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने ऐसी भाषा का प्रयोग न करने की सलाह दी और गंभीर शब्दों में कहा, ”हमें भी ऐसी भाषा का जवाब देना आता है।” पठान का यह बयान नितेश राणे और बीजेपी के लिए एक सीधी चुनौती माना जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि इन लोगों को रोका क्यों नहीं जा रहा है। यह पूरा विवाद महाराष्ट्र की राजनीतिक फिजा में गरमाहट ला सकता है, खासकर जब लोकसभा चुनाव नजदीक हैं।