मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बारामती उपचुनाव को लेकर कांग्रेस से अपील की कि वह सुनेत्रा पवार के खिलाफ अपना उम्मीदवार वापस ले। दरअसल उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो यह जनता की भावनाओं का सम्मान होगा और दिवंगत नेता को सच्ची श्रद्धांजलि भी मानी जाएगी। बारामती सीट 28 जनवरी को सुनेत्रा पवार के पति और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद खाली हुई थी। इसके बाद यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। इस सीट पर मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।
दरअसल मीरा-भायंदर में मेट्रो लाइन नौ कॉरिडोर के पहले चरण के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि बारामती के लोग मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सर्वसम्मति से एक उम्मीदवार चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीति का मुद्दा नहीं बल्कि एक नेता के सम्मान का विषय भी है।
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लोगों की इच्छा सुनेत्रा पवार निर्विरोध चुनी जाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनभावना सुनेत्रा पवार के साथ है और लोगों की इच्छा है कि उन्हें बिना विरोध के चुना जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस भी जनता की भावनाओं का सम्मान करेगी और चुनाव मैदान से हटने पर विचार करेगी। हालांकि कांग्रेस ने इस अपील पर अपनी एक शर्त रखी है। कांग्रेस का कहना है कि वह चुनाव से हटने पर तभी विचार करेगी जब अजित पवार से जुड़े विमान हादसे में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इस मांग के बाद उपचुनाव को लेकर नई राजनीतिक स्थिति बन गई है।
विपक्षी दलों ने इस सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारा
वहीं अन्य विपक्षी दलों ने इस सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारा है। एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) ने दिवंगत नेता के सम्मान में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। इससे सुनेत्रा पवार के निर्विरोध चुने जाने की संभावना बन सकती थी, लेकिन कांग्रेस की शर्त के कारण स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। बारामती विधानसभा क्षेत्र महाराष्ट्र की राजनीति में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है और इसे पवार परिवार का मजबूत गढ़ माना जाता है। अजित पवार के निधन के बाद यह सीट भावनात्मक रूप से भी संवेदनशील हो गई है।
नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि कांग्रेस अपनी शर्त पर कायम रहती है या जनभावना को देखते हुए अपना उम्मीदवार वापस लेती है। इस उपचुनाव का परिणाम राज्य की राजनीति के लिए भी अहम माना जा रहा है।