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महाराष्ट्र में BJP-शिवसेना गठबंधन में दरार? जिला परिषद चुनाव में सत्ता से दूरी के बाद अमित शाह से मिलने दिल्ली पहुंचे एकनाथ शिंदे

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
महाराष्ट्र में जिला परिषद चुनावों के बाद सत्ता बंटवारे को लेकर बीजेपी और शिवसेना शिंदे गुट में मतभेद उभर आए हैं। कई जगहों पर अपेक्षित हिस्सेदारी न मिलने से नाराज स्थानीय नेताओं को मनाने और समन्वय बनाने के लिए उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अचानक दिल्ली दौरे पर रवाना हुए हैं, जहां वे गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं।
महाराष्ट्र में BJP-शिवसेना गठबंधन में दरार? जिला परिषद चुनाव में सत्ता से दूरी के बाद अमित शाह से मिलने दिल्ली पहुंचे एकनाथ शिंदे

मुंबई/नई दिल्ली: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों के बाद सहयोगी दलों बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। जिला परिषद चुनावों में कई जगहों पर सत्ता से दूर रखे जाने के आरोपों के बीच उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सोमवार को अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए। सूत्रों के मुताबिक, यह दौरा गठबंधन के भीतर पनप रहे असंतोष को दूर करने और एक ठोस समाधान निकालने के प्रयास का हिस्सा है।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली में शिंदे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जैसे शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा जिला परिषद चुनावों के बाद पैदा हुए गतिरोध को खत्म करना और दोनों दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

क्यों गहराया है विवाद?

हाल ही में संपन्न हुए जिला परिषद चुनावों में कई जगहों पर शिवसेना को अपेक्षित सत्ता नहीं मिली, जिससे पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। सूत्रों का कहना है कि रायगढ़ जैसे जिले में बहुमत होने के बावजूद शिवसेना को समझौता करना पड़ा। वहीं, फलटण में भी पार्टी को सत्ता से बाहर रखा गया, जिसने इस असंतोष को और हवा दे दी है।

इन घटनाओं के बाद शिंदे गुट के भीतर यह भावना प्रबल हो रही है कि गठबंधन में उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में एकनाथ शिंदे का यह दिल्ली दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, ताकि शीर्ष स्तर पर हस्तक्षेप से मामले को सुलझाया जा सके।

पहले भी सामने आ चुके हैं मतभेद

यह पहली बार नहीं है जब दोनों सहयोगियों के बीच मतभेद सामने आए हैं। इससे पहले नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के दौरान भी शिंदे गुट को बीजेपी से कई जगहों पर झटका लगा था। उस वक्त शिंदे गुट के कई पदाधिकारी बीजेपी में शामिल हो गए थे, जिससे पार्टी में काफी असंतोष फैला था।

हालांकि, उस समय भी शिंदे ने दिल्ली का दौरा कर शीर्ष नेतृत्व से बात की थी, जिसके बाद नगर निगम चुनावों के लिए दोनों दलों ने कई जगहों पर गठबंधन किया था। साथ ही, यह भी तय हुआ था कि दोनों पार्टियां एक-दूसरे के कार्यकर्ताओं को अपनी पार्टी में शामिल नहीं करेंगी। इस रणनीति से नगरपालिका चुनावों में गठबंधन को अच्छी सफलता भी मिली थी।

क्या निकलेगा समाधान?

जिला परिषद चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन शिवसेना शिंदे गुट ने भी कई जगहों पर शानदार प्रदर्शन किया। दोनों दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा, लेकिन अब नतीजों के बाद सत्ता के बंटवारे को लेकर शिवसेना खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। अब सबकी निगाहें शिंदे की दिल्ली यात्रा और बीजेपी आलाकमान के साथ उनकी बैठक पर टिकी हैं कि क्या यह दौरा गठबंधन के भीतर की खटास को दूर कर पाएगा।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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