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सोनम वांगचुक की रिहाई पर AIMIM नेता वारिस पठान का बड़ा बयान, कहा – ‘बेकसूर इंसान को 6 महीने जेल में डाला…’

Written by:Banshika Sharma
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पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई पर AIMIM नेता वारिस पठान ने खुशी जाहिर करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल किया कि एक बेकसूर इंसान को 6 महीने जेल में रखने की भरपाई कौन करेगा और लद्दाख के अन्य प्रदर्शनकारियों की रिहाई की भी मांग की।
सोनम वांगचुक की रिहाई पर AIMIM नेता वारिस पठान का बड़ा बयान, कहा – ‘बेकसूर इंसान को 6 महीने जेल में डाला…’

पर्यावरण कार्यकर्ता और ‘थ्री इडियट्स’ फिल्म के प्रेरणास्रोत सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत रद्द होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। AIMIM नेता वारिस पठान ने वांगचुक की रिहाई का स्वागत किया, लेकिन साथ ही केंद्र सरकार की नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पठान ने सरकार को घेरते हुए पूछा कि एक ‘बेकसूर’ व्यक्ति को छह महीने तक जेल में रखने की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि वांगचुक जोधपुर जेल से रिहा हो गए और सरकार ने उनके खिलाफ लगाया गया सख्त कानून हटा दिया है।

‘बेकसूर के 6 महीने की भरपाई कौन करेगा?’

वारिस पठान ने अपने बयान में सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, “ये बड़ी खुशी की बात है कि पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जोधपुर जेल से रिहा हो गए। सरकार ने उनके खिलाफ जो कानून लगाया था उसे हटा दिया। तो मैं पूछना चाहूंगा कि सोनम वांगचुक ने जो 6 महीना जेल में बिताया, जो बेकसूर थे, उनके 6 महीने की जेल की भरपाई कौन करेगा?”

उन्होंने वांगचुक को एक रोल मॉडल बताते हुए कहा कि वह संवैधानिक तरीके से जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे थे।

“ये उस तरह के व्यक्ति हैं जो जलवायु के मुद्दे को लेकर इतनी लड़ाई लड़ रहे थे। वो संवैधानिक तौर से अपना प्रदर्शन कर रहे थे। उनके ऊपर आप इतनी सख्त धाराएं लगाकर उन्हें जेल में डाल देते हो, बाद में 6 महीने के बाद उनको छोड़ दिया जाता है।” — वारिस पठान, नेता, AIMIM

अन्य प्रदर्शनकारियों की रिहाई की भी मांग

AIMIM नेता ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए लद्दाख में हिरासत में लिए गए अन्य लोगों की रिहाई की भी मांग की। उन्होंने कहा, “बड़ी खुशी की बात है छोड़ दिया लेकिन सरकार की नीति पर मेरा सवाल है कि आपने 6 महीने एक बेकसूर इंसान को जेल में डाल दिया। हम तो यह भी चाहेंगे कि लद्दाख के अन्य लोगों को जिन्हें धरना-प्रदर्शन के दौरान जेल में डाल दिया गया था, उनको भी सरकार रिहा कर दे।”

गृह मंत्रालय ने रद्द की थी हिरासत

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी कर सोनम वांगचुक की हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला सुनाया था। मंत्रालय ने कहा था कि विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है। वांगचुक को पिछले साल 26 सितंबर को लेह के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। सरकार के अनुसार, यह कार्रवाई लेह में उत्पन्न हुई गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए की गई थी।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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