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महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, अब ई-रिक्शा और ई-बाइक चलाने के लिए परमिट हुआ अनिवार्य, जानिए क्या हैं नए नियम

Written by:Gaurav Sharma
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महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में यात्री परिवहन करने वाले सभी इलेक्ट्रिक ऑटो (ई-रिक्शा) और ई-बाइक के लिए परमिट लेना अनिवार्य कर दिया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य सभी वाणिज्यिक वाहनों के लिए नियमों में एकरूपता लाना और यात्री सुरक्षा बढ़ाना है। अब इन वाहनों पर भी पारंपरिक ऑटो और टैक्सी जैसे नियम ही लागू होंगे।
महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, अब ई-रिक्शा और ई-बाइक चलाने के लिए परमिट हुआ अनिवार्य, जानिए क्या हैं नए नियम

मुंबई: महाराष्ट्र में अब सड़कों पर दौड़ रहे हजारों ई-रिक्शा और ई-बाइक चालकों के लिए एक बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने यात्री परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी इलेक्ट्रिक ऑटो और ई-बाइक्स के लिए परमिट लेना अनिवार्य कर दिया है। यह फैसला शुक्रवार को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषित किया, जिसका मुख्य उद्देश्य पूरे राज्य में परिवहन नियमों को एक समान बनाना है।

पहले इलेक्ट्रिक वाहनों को इस तरह के परमिट से छूट दी गई थी, लेकिन इनकी बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने नियमों में संशोधन करने का निर्णय लिया है। इस कदम से न केवल व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

सभी वाहनों के लिए एक समान नियम

सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब पारंपरिक ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और इलेक्ट्रिक रिक्शा, सभी पर एक जैसे नियम लागू होंगे। इस बदलाव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि अब इन इलेक्ट्रिक वाहनों की नंबर प्लेट भी बदली जाएगी। इनकी नंबर प्लेट अब हरी पृष्ठभूमि (Green Background) और पीले अक्षरों (Yellow Letters) वाली होगी, जो इनकी व्यावसायिक पहचान को स्पष्ट करेगी।

“इस कदम से पारदर्शिता बढ़ेगी और नियमों का उल्लंघन कम होगा। हमारा लक्ष्य सभी वाहनों में अनुशासन लाना, नियमों का पालन सुनिश्चित करना और यात्रियों को एक सुरक्षित सेवा प्रदान करना है।”- प्रताप सरनाईक, परिवहन मंत्री, महाराष्ट्र

आसान होगी परमिट की प्रक्रिया

परिवहन विभाग इस प्रक्रिया को वाहन मालिकों के लिए बोझिल नहीं बनाना चाहता। मंत्री सरनाईक ने इस बात पर भी जोर दिया कि महाराष्ट्र परिवहन विभाग जल्द ही एक ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

इस सिस्टम के माध्यम से आवेदक आसानी से आवेदन जमा कर सकेंगे, दस्तावेजों की जांच करा सकेंगे और परमिट की मंजूरी भी एक ही जगह से प्राप्त कर पाएंगे। सरकार का मानना है कि इस प्रणाली से पूरी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी, जिससे चालकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस फैसले से राज्य के परिवहन क्षेत्र में एकरूपता लाने और उसे बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिलेगी।

Gaurav Sharma
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