महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने महिलाओं के मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। दरअसल उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कदम उठा रही है लेकिन कांग्रेस हर बार इन फैसलों में बाधा डालती है। सिंधुदुर्ग दौरे पर मीडिया से बातचीत में नितेश राणे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार ने महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं।
दरअसल उन्होंने खास तौर पर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का जिक्र करते हुए कहा कि इससे लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। नितेश राणे का दावा है कि सरकार इस कानून को तेजी से लागू करने की दिशा में काम कर रही है ताकि महिलाओं को राजनीति में मजबूत जगह मिल सके।
महिलाओं की भागीदारी पर छिड़ी सियासत
वहीं नितेश राणे ने अपने बयान में साफ कहा है कि ‘नारी शक्ति बिल’ महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उनके मुताबिक इस बिल के लागू होने से देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और फैसलों में उनका प्रभाव भी नजर आएगा। उन्होंने आरोप लगाया है कि जब भी केंद्र या राज्य सरकार महिलाओं के हित में कोई योजना या कानून लाती है तो कांग्रेस उसका विरोध करती है। राणे ने तीन तलाक कानून का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी कांग्रेस ने समर्थन नहीं किया था।
महिला सशक्तिकरण पर कांग्रेस – BJP आमने सामने
दरअसल इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच साफ मतभेद दिख रहा है। जहां बीजेपी इसे महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम बता रही है वहीं कांग्रेस अलग नजरिया रख रही है। हालांकि नितेश राणे के बयान में यह साफ दिखता है कि बीजेपी इस मुद्दे को अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है। नितेश राणे ने यह भी कहा है कि सरकार का फोकस सिर्फ कानून बनाने तक सीमित नहीं है बल्कि उसे जमीन पर लागू करने पर भी है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण पर लगातार काम हो रहा है।






