पुणे शहर में लगातार बढ़ रही ट्रैफिक की समस्या के बीच मेट्रो सेवा लोगों के लिए एक बेहतर विकल्प बनती जा रही है। खासतौर पर पीएमपी (पुणे महानगर परिवहन महामंडळ) द्वारा 1 जून से किए गए टिकट दरवृद्धी के बाद मेट्रो की सवारी करने वाले यात्रियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जून महीने में मेट्रो से 52.41 लाख लोगों ने सफर किया था, वहीं जुलाई में यह आंकड़ा बढ़कर 59.58 लाख हो गया। यह अब तक की सबसे अधिक मासिक यात्रा संख्या है।
पीएमपी के किराया बढ़ोतरी से मेट्रो को फायदा
महामेट्रो द्वारा संचालित वनाज से रामवाडी और पिंपरी-चिंचवड से स्वारगेट तक दो प्रमुख मार्गों पर सेवा चालू है। रोजाना औसतन 1.93 लाख नागरिक इन रूट्स पर मेट्रो से सफर कर रहे हैं। शहर की बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए नागरिक अब मेट्रो को ‘बेस्ट सफर’ के रूप में चुन रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले कुछ महीनों में मेट्रो यात्रियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही थी, लेकिन जून और जुलाई में यह अचानक तेजी से बढ़ी। जून में 4 लाख और जुलाई में 8 लाख की वृद्धि दर्ज की गई।
पीएमपी की बात करें तो टिकट दर में बढ़ोतरी के बावजूद बस से यात्रा करने वालों की संख्या 10 लाख के आसपास स्थिर बनी हुई है। हालांकि, पीएमपी द्वारा बसों की संख्या बढ़ाई गई है और नए रूट्स पर भी सेवाएं शुरू की गई हैं, लेकिन इसका असर दिखता नहीं दिख रहा है। वहीं मेट्रो के लिए यह एक फायदेमंद परिस्थिति बन गई है, क्योंकि लंबी दूरी के लिए तेज, आरामदायक और समयबद्ध सफर के कारण अधिक लोग मेट्रो की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
मार्च से जुलाई तक के आंकड़े देखें तो मार्च में मेट्रो से 44.81 लाख, अप्रैल में 46.59 लाख, मई में 47.62 लाख यात्रियों ने सफर किया था। इसके बाद जून में यह संख्या 52.41 लाख और जुलाई में रिकॉर्ड तोड़ते हुए 59.58 लाख पर पहुँच गई। इस तेजी से बढ़ती संख्या से साफ है कि पुणे शहर के नागरिक अब मेट्रो को प्राथमिकता देने लगे हैं।





