मुंबई के एक्टिंग स्टूडियों में गुरुवार दोपहर को रोहित आर्या नाम के शख्स ने 17 बच्चे सहित 19 लोगों को बंधक बनाया था। जिसके बाद मुंबई पुलिस टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया। बंधक बनाने वाला मानसिक रूप से अस्थिर बताए गए आरोपी रोहित आर्य को पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई झड़प में गोली लग गई। जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया और उसे मृत घोषित कर दिया गया।
रोहित आर्या ने वीडियो किया था शेयर
स्टूडियों में बच्चों को बंधक बनाने के बाद शेयर किए गए वीडियो में आर्या ने कहा, मैं आतंकवादी नहीं हूं, न ही मैं पैसे मांग रहा हूं। मैं कुछ लोगों से बात करना चाहता हूं। उसने यह भी बताया कि उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया था, लेकिन अपनी जान लेने के बजाय, वह बंधक योजना के जरिए उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था जिनसे वह बात करना चाहता था।
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रोहित आर्या ने लिया था 1 करोड़ का टेंडर
बता दें कि बच्चों को बंधक बनाने के बाद रोहित आर्या ने एक वीडियो भी शेयर किया था जिसमें उसकी कई मांगें थी। रोहित आर्या को पूर्व शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर से बात भी करनी थी। रोहित ने नागपुर में शिक्षा विभाग के तहत एक करोड़ का टेंडर का काम लिया था। इसमें से उसे करीब 80 लाख रुपये मिलने बाकी थे। रोहित ने पुलिस को बताया था कि इसी वजह से उसे पूर्व शिक्षा मंत्री से बात करनी थी।
वहीं अब महाराष्ट्र के पूर्व शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने रोहित आर्य के बारे में चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि “रोहित को मेरे स्कूल में काम दिया गया था। उसने मेरे डिपार्टमेंट से पैसे लिए थे। लोगों को बंधक बनाना गलत है।”
ऑडिशन के नाम बच्चों को बुलाया
पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चों को वेब सीरीज़ के ऑडिशन के नाम पर बुलाया गया था, जिसके बाद उन्हें बंधक बना लिया गया। चूंकि बंधकों में छोटे बच्चे शामिल थे, इसलिए यह ऑपरेशन मुंबई पुलिस के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। बंधक बनाए गए बच्चों की उम्र 4 से 5 साल के बीच में थी, जिसमें कई छोटी बच्चियां शामिल थीं। आरोपी ने बच्चों को बंधक बनाने से पहले एक वीडियो जारी किया था जिसमें उसने अपनी मांगें रखी थी।