मंदसौर में आज अष्टमुखी पशुपतिनाथ महादेव की राजसी सवारी निकाली गई। भगवान पशुपतिनाथ की रजत प्रतिमा रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकली। इस दौरान प्रशासन द्वारा गार्डन ऑफ़ ऑनर दिया गया और सवारी अपने पारंपरिक मार्ग के लिए रवाना हुई।
बता दे कि मंदसौर में 1996 से पशुपतिनाथ की सवारी निकाले जाने की परंपरा चली आ रही है। सावन के आखिरी सोमवार को यहां राजसी सवारी निकाली जाती है। आज निकली सवारी को लेकर भक्तों में काफी उत्साह देखने को मिला। प्रशासन की ओर से कलेक्टर ने सवारी से पूर्व अभिषेक और पूजन किया।
निकली 26 झांकियां और ढोल पार्टियां
शाही सवारी में अलग अलग जगह से लगभग 26 झांकियां शामिल हुई। कई ढोल पार्टियों ने भी अपनी प्रस्तुति दी। पालकी के साथ बैंड, अखाड़ा, भजन मंडली और महादेव के स्वरूप की झांकी शामिल हुई। इसके अलावा राम दरबार, नगाड़ा पार्टी, राधा कृष्ण महारास लीला, नालछा माता मंदिर की झांकी भी देखेने को मिली। भगवान पशुपतिनाथ के रथ के साथ ओखा बावजी का रथ भी शामिल हुआ।
भगवान की रजत प्रतिमा की पूजा अर्चना की गई। भगवान पशुपतिनाथ की रजत प्रतिमा का अभिषेक व पूजन-अर्चन कर भव्य नयनाभिराम श्रृंगार किया गया भगवान रथ में विराजित होकर प्रजा को दर्शन देने के लिये निकले l #Mandsaur #मंदसौर pic.twitter.com/0lGaoe1UWT
— Collector Mandsaur (@CMandsaur) August 24, 2026
मंदिर में लगी भक्तों की भीड़
एक तरफ सवारी को लेकर भक्तों में उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं दूसरी तरफ पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं में भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। सुबह 5 बजे मंदिर के पट खोले गए, जिसके बाद मंगला आरती की गई। सुबह 6 बजे से मंदिर में श्रद्धालुओं की कतार लग गई। भक्त महादेव का रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करते दिखाई दिए।
श्रद्धालुओं की भीड़ नियंत्रित करने के लिए गर्भगृह में प्रवेश बंद कर दिया गया है। श्रद्धालु कतार में लगकर बाहर से दर्शन कर रहे हैं। महादेव का विशेष श्रृंगार किया गया है। दोपहर के समय विशेष पूजा अर्चना और महाआरती का आयोजन किया गया। शाम को संध्या आरती के समय भजन कीर्तन होंगे। वहीं रात को शयन आरती के बाद मंदिर के पट बंद होंगे।






