मंदसौर। तरुण राठौर| कोरोना संक्रमण की वजह से जहां लोग डरे हुए। ऐसे में मंदसौर के गांव अलावदाखेड़ी में एक युवक की धार -धार हथियार से हत्या कर दी जाती है। इस घटना को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए है। जिससे सुनकर लगता है कि पुलिस प्रशासन विधायक की नहीं सुनते हैं। जो अपने आप में सोचने का विषय है कि एक जनप्रतिनिधि की बात पुलिस प्रशासन सुनकर अनसुनी कर रहा है। आज सुबह अलावदाखेड़ी मार्ग पर एक युवक खून से लथपथ खून मिला। जिसकी पहचान अर्जुन बाछडे के तौर पर हुई है। जिसकी हत्या गांव के पास स्थित ढाबा संचालक ईश्वरसिंह व उसके साथी ने की है। क्योंकि ईश्वरसिंह का विवाद कुछ दिन पहले अर्जुन के परिवार से हुआ था। बताया है कि ईश्वर ने उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की थी जिसके अर्जन के परिवार वालों इसकी शिकायत वायडीनगर थाने की। एक ओर यहां पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए ढाबे को गिरा दिया है। दूसरी इस मामले को लेकर कहना है कि पहले भी में कई बार पुलिस प्रशासन को अवगत करा चुका हूं कि अवैध शराब की सप्लाय करने वाले इस प्रकार के ढाबे को कार्यवाही करते हुए हटाए। किन्तु पुलिस प्रशासन है कि उनकी सुनती नही है। यदि पुलिस प्रशासन उनकी बात मान लेती तो ये घटना नहीं होती। क्योंकि इस प्रकार के ढाबा संचालक छोटे छोटे बच्चों से शराब बिक्री कराते हैं।
क्या सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक की नहीं सुनता पुलिस प्रशासन
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






