मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में चंबल नदी से होने वाले अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने अब कमर कस ली है। प्रशासन और पुलिस मिलकर लगातार ऐसे कदम उठा रहे हैं जिससे माफियाओं के हौसले पस्त हो सकें। दरअसल चंबल नदी के आसपास अवैध रेत का खेल लंबे समय से चल रहा है, जिसे रोकने के लिए जिले में एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है।

इस अभियान के तहत पुलिस ने अवैध रेत ले जाने वाले रास्तों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि प्राकृतिक संपदा को लूटने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। दरअसल, इसी कड़ी में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो प्रमुख रास्तों को जेसीबी मशीन मंगवाकर खुदवा दिया है, ताकि वहां से रेत से भरे भारी वाहन गुजर ही न सकें।

बागचीनी और देवगढ़ थाना क्षेत्र में की गई बड़ी कार्रवाई

पुलिस ने जिन रास्तों को बंद करवाया है वे अवैध रेत परिवहन के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते थे। बागचीनी थाना इलाके में आने वाले ग्राम दौनारी के रास्ते पर जेसीबी चलवाकर बड़े-बड़े गड्ढे करवा दिए गए हैं। दरअसल, इस रास्ते से रोज ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डंपरों के जरिए रेत का अवैध परिवहन किए जाने की पक्की सूचना पुलिस को मिल रही थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।

वहीं दूसरी तरफ देवगढ़ थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। यहां ग्राम सिहौरी में क्वारी नदी के पुल के पास वाले रास्ते को भी जेसीबी से खुदवाकर पूरी तरह से बंद करा दिया गया है। दरअसल, इन रास्तों के बंद होने से अब माफियाओं के वाहन आसानी से आगे नहीं निकल पाएंगे और पुलिस को उनकी गतिविधियों पर नजर रखने में काफी आसानी होगी।

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण बचाना और राजस्व नुकसान रोकना

पुलिस प्रशासन का इस पूरी मुहिम के पीछे मुख्य मकसद प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना और अवैध खनन के कारण सरकार को होने वाले भारी राजस्व के नुकसान को रोकना है। दरअसल अवैध रेत के कारोबार से जहां एक तरफ पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंच रहा है, वहीं दूसरी तरफ शासन को मिलने वाले टैक्स का भी बड़ा चूना लग रहा था। अब पुलिस की इस सख्ती से इन सब चीजों पर काफी हद तक लगाम लगेगी।