मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के बरमान कला हाई स्कूल के छात्र-छात्राओं ने अपनी ही स्कूल की प्रिंसिपल पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। बच्चों का कहना है कि प्रिंसिपल उनके साथ गंदी भाषा में बात करती हैं और सजा के नाम पर उनसे जबरदस्ती टॉयलेट साफ करवाया जाता है।

दरअसल बच्चों का आरोप है कि बात सिर्फ सफाई तक ही सीमित नहीं है बल्कि उन्हें सजा देने के लिए नुकीली गिट्टी पर घंटों घुटने के बल बैठाकर रखा जाता है। इस शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की वजह से कई बच्चों के शरीर पर चोट के निशान भी आ गए हैं।

एक महीने से सह रहे थे प्रताड़ना

स्कूल में प्रिंसिपल का खौफ इतना ज्यादा था कि बच्चे अपनी बात किसी को बताने से भी डर रहे थे। हालात इतने ज्यादा खराब हो गए हैं कि स्कूल की कई छात्राओं ने डर के मारे अब स्कूल जाना ही पूरी तरह से छोड़ दिया है।

जब बच्चों का सब्र का बांध पूरी तरह टूट गया तो उन्होंने घर जाकर अपने परिवार वालों को पूरी आपबीती सुनाई। अपने बच्चों के साथ हुई इस बदसलूकी को सुनकर परिजन दंग रह गए और तुरंत इकट्ठा होकर बरमान पुलिस चौकी पहुंचे। परिजनों ने पुलिस के सामने अपनी बात रखी और आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग को लेकर लिखित शिकायत सौंपी है।

प्रिंसिपल ने आरोपों को बताया झूठा

दूसरी तरफ जब इस पूरे मामले में स्कूल की प्रिंसिपल गीता गौर से सवाल पूछा गया तो उन्होंने अपने ऊपर लगे सारे आरोपों को साफ नकार दिया। उनका कहना है कि वे खुद स्कूल परिसर में कभी-कभार साफ-सफाई कर लेती हैं लेकिन उन्होंने कभी किसी बच्चे से टॉयलेट साफ नहीं करवाया।