बेंगलुरु| कर्नाटक सरकार (Government of Karnataka) ने सीनियर आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन (IAS officer Mohammad Mohsin) को जमातियों की तारीफ करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है| अधिकारी ने कोरोना संकट के दौरान प्लाज्मा डोनेट करने वाले तबलीगियों (tablighis) की तारीफ करते हुए उन्हें हीरो बताया था| जिसके बाद सरकार ने आईएएस से नोटिस जारी कर पांच दिन के भीतर जवाब मांगा है|
आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन ने प्लाज्मा डोनेट करने वाले तबलीगी जमात के सदस्यों को लेकर 27 अप्रैल को ट्वीट किया, उन्होंने कहा ‘300 से अधिक तब्लीगी हीरो अकेले दिल्ली में अपना प्लाज्मा देश के लिए दान कर रहे हैं। किसके लिए? गोदी मीडिया इन हीरोज के मानवता के लिए किए जा रहे काम को नहीं दिखाएगी।’
बता दें कि मूल रूप से बिहार के रहने वाले मोहम्मद मोहसिन इस समय पिछड़ी जाति कल्याण विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत हैं। मोहसिन पिछले साल उस समय भी चर्चा में आए थे जब अप्रैल में ओडिशा दौरे के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलीकॉप्टर की जांच करने की कोशिश की थी और चुनाव आयोग ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
गौरतलब है कि देश में कोरोना की बढ़ती तादाद के बीच तब्लीगी जमात उस वक्त चर्चा में आई थी जब सरकार के निर्देशों के बावजूद दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन के मरकज में धार्मिक जमावड़ा लगा| तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लोग जुटे थे, जिनमें कई कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे| बाद में देश के अलग-अलग राज्यों में जमात के सदस्यों के संपर्क में आए लोगों में भी कोरोना संक्रमण पाया गया। इसको लेकर देश भर में बवाल मचा था|
Karnataka government has issued a show-cause notice to IAS officer Mohammad Mohsin for his tweet on Tablighi Jamaat members donating plasma for treatment of COVID19 patients. Mohsin is serving as Secretary, Backward Classes Welfare Department, Govt of Karnataka.
— ANI (@ANI) May 2, 2020






