संसद के मानसून सत्र के दौरान NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस का सरकार के खिलाफ विरोध जारी है। बुधवार को संसद परिसर में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार के साथ-साथ मीडिया को भी नसीहत देते हुए कहा कि अब उसे सच दिखाना और सच बोलना शुरू करना चाहिए।
पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा, “आप क्या कहेंगे कि यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है? और अब आप सभी को सच दिखाना और बोलना शुरू कर देना चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि संसद और सड़कों पर जो कुछ हो रहा है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
पहले भी मीडिया पर उठा चुके हैं सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी लंबे समय से मीडिया की भूमिका को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। राहुल गांधी कई मौकों पर आरोप लगा चुके हैं कि मुख्यधारा मीडिया का एक बड़ा वर्ग विपक्ष के मुद्दों को पर्याप्त जगह नहीं देता और सत्ता से जुड़े सवालों को उतनी मजबूती से नहीं उठाता। वहीं, प्रियंका गांधी भी कई अवसरों पर पत्रकारों से सरकार से कड़े सवाल पूछने और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कह चुकी हैं।
प्रियंका गांधी की मीडिया को खरी-खरी
बुधवार को संसद परिसर में पत्रकारों से घिरीं प्रियंका ने एक बार फिर मीडिया को कड़ी नसीहत दी। उन्होंने खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि अब आप लोग (मीडिया) भी सच बोलना और सच दिखाना शुरु कर दीजिए। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जो स्थितियां बनी हैं उसे देखते हुए क्या आप कहेंगे कि ये दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।
विपक्ष का विरोध जारी
NEET पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि वंदे मातरम् जैसे विषय पर कई घंटों तक चर्चा हो सकती है, तो लाखों छात्रों से जुड़े नीट मामले पर भी गंभीर और लंबी बहस होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से बच रही है और राजनीतिक खेल खेल रही है। बता दें कि बुधवार को कांग्रेस सहित कई विपक्षी सांसदों ने छात्र आंदोलन और पेपर लीक को लेकर काले कपड़े पहन संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज संसद तक पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि छात्र वर्षों की मेहनत के बाद अपने भविष्य का सपना देखते हैं, लेकिन परीक्षा व्यवस्था में खामियों के कारण उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रियंका गांधी ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत बताते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में बदलाव आवश्यक है।






