उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने आगामी यात्रा सत्र 2026-27 के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। समिति की बजट बैठक में 121 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमानित बजट पारित किया गया, जिससे बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।
बैठक में यह भी तय किया गया कि यात्रा के दौरान बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए धामों में व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा। साथ ही कई प्रशासनिक और प्रबंधन से जुड़े अहम प्रस्तावों को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
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बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए अलग बजट
मंदिर समिति की बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए दोनों धामों के लिए अलग-अलग बजट का प्रावधान किया गया है। बदरीनाथ धाम के लिए 57 करोड़ 47 लाख रुपये से अधिक का बजट तय किया गया है। वहीं केदारनाथ धाम के लिए 63 करोड़ 60 लाख रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया गया है।
इस तरह कुल मिलाकर 121 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया है। बजट में प्रस्तावित आय के मुकाबले लगभग 99 करोड़ 45 लाख रुपये का व्यय प्रस्तावित किया गया है। समिति का कहना है कि इस बजट का उपयोग धामों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं को सुविधाएं देने के लिए किया जाएगा।
यात्रा सत्र के लिए व्यवस्थाएं मजबूत करने का निर्णय
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाया जाएगा।
इसके साथ ही धामों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, यात्रा मार्ग पर सुविधाएं बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्थाओं को बेहतर करने पर भी जोर दिया गया। समिति ने यह भी तय किया कि यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
ट्रांजिट कैंप में खुलेगा शिविर कार्यालय
बैठक में ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में मंदिर समिति का शिविर कार्यालय खोलने का भी निर्णय लिया गया है। इस कार्यालय के माध्यम से यात्रा से जुड़े कामों की निगरानी की जाएगी और यात्रियों को आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। समिति का मानना है कि इससे यात्रा प्रबंधन और बेहतर हो सकेगा और यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।
मोबाइल के उपयोग पर भी रहेगा नियंत्रण
बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि धामों के आसपास निर्धारित दूरी तक मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य धामों की पवित्रता बनाए रखना और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना है। समिति का मानना है कि इससे श्रद्धालुओं को शांत और व्यवस्थित तरीके से दर्शन करने में मदद मिलेगी।
अस्थायी कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा
मंदिर समिति की बैठक में अस्थायी कर्मचारियों के वेतन से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने का भी फैसला लिया गया। समिति ने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा ताकि यात्रा के दौरान कामकाज प्रभावित न हो।
चारधाम के कपाट खुलने की तारीखें
चारधाम यात्रा के लिए कपाट खुलने की तारीखें भी तय हो चुकी हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को खुलेंगे, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को खोले जाएंगे। इसके अलावा गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के दिन यानी 19 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इन तारीखों के साथ ही चारधाम यात्रा का आधिकारिक रूप से शुभारंभ हो जाएगा।
बीकेटीसी की बैठक में कई सदस्य रहे मौजूद
यह बजट बैठक बीकेटीसी के कैनाल रोड स्थित कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने की। बैठक में मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने पिछली बोर्ड बैठक की अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की और वर्ष 2026-27 का बजट भी पेश किया। इस दौरान बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, विजय कप्रवाण, सदस्य धीरज मोनू पंचभैया, महेंद्र शर्मा, प्रह्लाद पुष्पवान, देवी प्रसाद देवली सहित कई अन्य अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।