पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीखें जैसे-जैसे करीब आ रही हैं, दिल्ली में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। बुधवार को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन और गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक बुलाई है जिसमें बंगाल कोर ग्रुप के नेता भी मौजूद रहेंगे। यह बैठक​ दोपहर 3 बजे शुरू होगी। इस बैठक का एक ही मकसद है- विधानसभा चुनाव के लिए जिताऊ उम्मीदवारों के नाम पर आखिरी मंथन करना।

लेकिन दिल्ली में बंद कमरे में चल रही रणनीति से ज्यादा गूंज जेपी नड्डा के उस बयान की रही, जिसमें उन्होंने सीधे ममता बनर्जी सरकार को निशाने पर ले लिया।

TMC के सवाल पर नड्डा का सीधा जवाब

दरअसल, यह पूरा मामला टीएमसी नेता सुखेंदु शेखर राय के एक आरोप के बाद गरमाया। राय ने केंद्र पर बंगाल में दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाया था। इसी पर पलटवार करते हुए जेपी नड्डा ने कहा, “सवाल पूछा जा रहा है कि एक महिला मुख्यमंत्री को क्यों परेशान किया जा रहा है? ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि बंगाल देश का ऐसा राज्य बन गया है जहां नियम-कानून गायब है।”

नड्डा ने दो टूक कहा कि बंगाल में कानून का शासन पूरी तरह खत्म हो चुका है। वहां न तो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान है और न ही राजनीतिक मर्यादाओं का।

‘महिला CM ने महिला राष्ट्रपति का किया अपमान’

नड्डा यहीं नहीं रुके। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार न्यायपालिका तक को धमका रही है। उन्होंने कहा, “हाल ही में एक महिला मुख्यमंत्री ने देश की महिला राष्ट्रपति का अपमान किया है। कानून के प्रति कोई सम्मान नहीं, न्यायपालिका का कोई सम्मान नहीं, चुनाव आयोग का कोई सम्मान नहीं, और सबको धमकाया जा रहा है।”

उन्होंने साफ किया कि केंद्र सरकार कानून के राज के आधार पर काम करती है और बंगाल में जो भी स्थिति बनी है, उसके लिए राज्य सरकार खुद जिम्मेदार है। इस बैठक के बाद माना जा रहा है कि बीजेपी जल्द ही अपने उम्मीदवारों की पहली सूची पर कोई बड़ा फैसला ले सकती है।