आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में BJP की परिवर्तन यात्रा नया चुनावी केंद्र बन गई है। राज्य के अलग-अलग डिवीजनों में हुई जनसभाओं में पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, कथित कट-मनी, अवैध घुसपैठ, कमजोर कानून-व्यवस्था और कुप्रशासन के आरोप लगाए।
इन सभाओं का स्वर केवल सरकार विरोध तक सीमित नहीं रहा। BJP नेताओं ने इसे सत्ता परिवर्तन के अभियान के रूप में पेश करते हुए कहा कि राज्य में विकास, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही के लिए नई सरकार जरूरी है।
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नैहाटी से उत्तर बंगाल तक: घुसपैठ, प्रशासन और पहचान का मुद्दा
उत्तर 24 परगना जिले के नैहाटी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार संवैधानिक पदों के प्रति टकराव का रुख अपनाती है, जबकि घुसपैठियों और माफिया तत्वों पर नरमी बरती जाती है।
“एक ओर राष्ट्रपति और राज्यपाल का विरोध किया जाता है, दूसरी ओर घुसपैठियों और माफियाओं को संरक्षण मिलता है।”- अनुराग सिंह ठाकुर
ठाकुर ने कहा कि बंगाल की अस्मिता, संसाधनों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए सत्ता परिवर्तन आवश्यक है। उनके मुताबिक विधानसभा चुनाव बंगाली गौरव और राज्य के भविष्य से जुड़ा निर्णायक राजनीतिक मुकाबला होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ पुराना मुद्दा है और कांग्रेस, वाम दल तथा तृणमूल ने वोट बैंक की राजनीति के लिए इसे नजरअंदाज किया।
उत्तर बंगाल के माल विधानसभा क्षेत्र में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इसी मुद्दे को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की रफ्तार तेज हुई है, लेकिन बंगाल अपेक्षित गति नहीं पकड़ सका। सम्राट चौधरी ने चेतावनी दी कि अवैध घुसपैठ पर रोक नहीं लगी तो जनसांख्यिकीय संतुलन पर असर पड़ सकता है और आदिवासी, राजबोंग्शी, गोरखा समेत अन्य समुदायों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने चाय बागान मजदूरों के हितों पर राज्य सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए।
मेदिनीपुर और बर्धमान में कानून-व्यवस्था व सामाजिक-आर्थिक बदलाव की बहस
मेदिनीपुर डिवीजन के सबंग विधानसभा क्षेत्र में BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने राज्य में लगातार बम और हथियार बरामद होने की घटनाओं का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है।
बर्धमान डिवीजन के कालना विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि बंगाल को सिर्फ राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक और आर्थिक बदलाव की जरूरत है। उनके बयान में महिला सुरक्षा, रोजगार सृजन और उद्योग विस्तार को प्रमुख प्राथमिकता के रूप में रखा गया।
सप्तग्राम, मानबाजार और गाजोल की सभाओं में कल्याणकारी वादे
हावड़ा-हुगली डिवीजन के सप्तग्राम विधानसभा क्षेत्र में BJP के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और निवेश विरोधी नीतियों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य की औद्योगिक क्षमता को नुकसान पहुंचा है और रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं। इसी मंच से उन्होंने वादा किया कि BJP सरकार बनने पर महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा।
मानबाजार विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि अगर राज्य में BJP की सरकार बनती है तो आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, आवास और अन्य कल्याणकारी योजनाएं पारदर्शी तरीके से लागू की जाएंगी।
मालदा जिले के गाजोल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि केंद्र प्रायोजित कई योजनाओं में कथित कट-मनी वसूली के कारण लाभार्थियों तक पूरी राशि नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि BJP सरकार बनने पर महिलाओं की सुरक्षा, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
चुनावी संदेश: डबल इंजन बनाम मौजूदा शासन
परिवर्तन यात्रा के अलग-अलग पड़ावों से BJP ने एक संयुक्त राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है-राज्य में जनता बदलाव चाहती है और आगामी चुनाव में डबल इंजन सरकार का विकल्प मौजूद है। पार्टी नेताओं ने विकास, सुरक्षा और जनकल्याण के मुद्दों को केंद्रीय चुनावी एजेंडा बनाने का संकेत दिया है।
दूसरी तरफ, इन आरोपों और वादों की राजनीतिक परीक्षा चुनावी मैदान में ही होगी। फिलहाल स्पष्ट है कि यात्रा के जरिए BJP ने चुनाव पूर्व बहस को भ्रष्टाचार, घुसपैठ, कल्याणकारी योजनाओं की डिलीवरी और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर केंद्रित कर दिया है।