केंद्र सरकार ने देश की अगली जनगणना के लिए आधिकारिक तौर पर अधिसूचना जारी कर दी है। कोरोना महामारी के कारण टलती आ रही यह प्रक्रिया अब 2027 में पूरी होगी। इस बार की जनगणना कई मायनों में खास होगी, क्योंकि यह पूरी तरह से डिजिटल होगी और आजादी के बाद पहली बार इसमें जाति की गिनती भी शामिल की जाएगी।
गुरुवार को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, जनगणना का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच चलेगा, जिसमें मकानों की सूची तैयार की जाएगी। वहीं, दूसरा और अंतिम चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या की गणना की जाएगी।
दो चरणों में ऐसे होगी पूरी प्रक्रिया
पहला चरण (अप्रैल-सितंबर 2026): इस चरण में मकानों की सूची बनाने और उनकी गणना का काम होगा। इसके लिए 33 सवालों की एक प्रश्नावली तैयार की गई है। जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर मकान, परिवार और वाहनों से जुड़ी जानकारी जुटाएंगे। इसमें यह दर्ज किया जाएगा कि मकान पक्का है या कच्चा, घर में पानी, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि भवन आवासीय है या व्यावसायिक।
दूसरा चरण (फरवरी 2027): इस चरण में वास्तविक जनसंख्या की गिनती होगी। इसके लिए प्रश्नावली बाद में जारी की जाएगी। इसमें व्यक्ति की उम्र, लिंग, शिक्षा, रोजगार, भाषा और धर्म जैसी व्यक्तिगत जानकारियां दर्ज की जाएंगी। परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य को यह जानकारी देनी होगी।
पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होगी जनगणना

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2027 की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस होगी। इसके लिए करीब 30 लाख कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा, जो एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिए डेटा इकट्ठा करेंगे। यह ऐप एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। सरकार ने यह भी सुविधा दी है कि घरों की सूची बनाने का काम शुरू होने से 15 दिन पहले लोग खुद भी पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी भर सकेंगे।
आजादी के बाद पहली बार जातीय गणना
इस जनगणना की सबसे बड़ी खासियत जाति आधारित डेटा का संग्रह है। 1931 के बाद यह पहली बार होगा जब जनगणना में जाति की गिनती को शामिल किया जाएगा। जाति से जुड़ा डेटा भी डिजिटल तरीके से ही इकट्ठा किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण फैसला प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट समिति की बैठक में लिया गया था।
गौरतलब है कि जनगणना 2021 में ही होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। पिछली बार 2011 में हुई जनगणना के अनुसार, भारत की आबादी 121 करोड़ थी, जिसमें 51.5% पुरुष और 48.5% महिलाएं थीं।





