राजधानी में महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा व्यवस्था अब पूरी तरह डिजिटल मोड में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार (7 मार्च) को खुद DTC बस में सफर किया और सहेली पिंक NCMC कार्ड के संचालन को मौके पर देखा। यात्रा के दौरान उन्होंने मशीन पर टैप प्रक्रिया, एंट्री रिकॉर्डिंग और यात्रियों की प्रतिक्रिया का जायजा लिया।
इस निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बस में मौजूद महिला यात्रियों और महिला कंडक्टर से बातचीत की। सोशल मीडिया पर साझा तस्वीरों में वह यात्रियों के साथ सेल्फी लेती और कार्ड-आधारित प्रक्रिया पर चर्चा करती दिखीं। बस में उनके साथ बातचीत के दौरान महिलाओं ने भी नई व्यवस्था के उपयोग को लेकर उत्साह दिखाया।
“बस में चढ़ते ही कार्ड को मशीन पर सिर्फ टैप करना होता है और यात्रा तुरंत दर्ज हो जाती है। पूरी प्रक्रिया तेज, आसान और पारदर्शी है।”- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
गुलाबी टिकट की जगह डिजिटल कार्ड प्रणाली
दिल्ली सरकार ने हाल ही में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना को आधिकारिक रूप से डिजिटल स्वरूप में लागू करने की घोषणा की थी। इस व्यवस्था में पहले दी जाने वाली कागजी पर्चियों/गुलाबी टिकट के स्थान पर पिंक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड का उपयोग किया जा रहा है। सरकार का तर्क है कि इससे प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और यात्रा रिकॉर्डिंग में पारदर्शिता आएगी।
योजना के तहत महिला यात्री बस में चढ़ने के बाद कार्ड को मशीन पर टैप करती हैं, जिसके बाद यात्रा तुरंत दर्ज हो जाती है। मुख्यमंत्री ने इसे सुविधा, गति और पारदर्शिता से जुड़ा बदलाव बताया। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि यह व्यवस्था दिल्ली की माताओं, बहनों और बेटियों के लिए उपयोगी है और इसे अधिकाधिक महिलाओं तक पहुंचाया जा रहा है।
कार्ड कहां बन रहा है, किसे मिलेगा लाभ
सरकार के अनुसार शहर के विभिन्न केंद्रों पर सहेली पिंक NCMC कार्ड मुफ्त बनाया जा रहा है। पंजीकरण के लिए आधार नंबर और मोबाइल नंबर जरूरी है। योजना के लिए प्राथमिक पात्रता दिल्ली निवासी महिलाओं की है-विशेष रूप से वे महिलाएं जिनके आधार कार्ड पर दिल्ली का पता दर्ज है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहल का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए मुफ्त यात्रा के वादे को लागू करना है। इसी कारण कार्ड-आधारित प्रणाली को सार्वजनिक परिवहन सुधार कार्यक्रम से जोड़ा गया है, ताकि लाभ वितरण और यात्रा रिकॉर्ड दोनों को एक डिजिटल ढांचे में लाया जा सके।
1 मार्च 2026 को राष्ट्रपति ने किया था शुभारंभ
सहेली पिंक NCMC कार्ड का औपचारिक शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 1 मार्च 2026 को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में किया था। उसी कार्यक्रम में इस बदलाव को महिला यात्रियों के लिए नई परिचालन व्यवस्था के तौर पर प्रस्तुत किया गया, जिसमें DTC बसों में गुलाबी टिकट से कार्ड प्रणाली की ओर संक्रमण शुरू हुआ।
योजना के पहले ही दिन राजधानी में 3,600 से अधिक महिलाओं को यह राष्ट्रीय साझा गतिशीलता कार्ड जारी किए गए थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में शुरू इस पहल को सरकार ने सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण से जोड़ा है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से अपील दोहराई कि वे नजदीकी केंद्र पर रजिस्ट्रेशन कराएं और DTC बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ लें। सरकार का फोकस फिलहाल यही है कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी कार्ड-आधारित व्यवस्था में शामिल हों और यात्रा प्रक्रिया कागज-आधारित मॉडल से पूरी तरह डिजिटल मॉडल में स्थानांतरित हो सके।
आज सहेली पिंक NCMC कार्ड के साथ DTC बस में सफर किया और अनुभव किया कि यह सुविधा ज़मीनी स्तर पर कैसे काम कर रही है।
बस में चढ़ते ही कार्ड को मशीन पर सिर्फ टैप करना होता है और यात्रा तुरंत दर्ज हो जाती है। पूरी प्रक्रिया तेज, आसान पारदर्शी है।
दिल्ली की माताओं, बहनों और बेटियों के… pic.twitter.com/g6YpBUAd4u
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) March 7, 2026





