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सेना ही एकमात्र ऐसी जगह है जहां भाई-भतीजावाद का कोई स्थान नहीं, रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान का बड़ा बयान

Written by:Mini Pandey
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उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।
सेना ही एकमात्र ऐसी जगह है जहां भाई-भतीजावाद का कोई स्थान नहीं, रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान का बड़ा बयान

रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान ने गुरुवार को कहा कि सेना ही एकमात्र ऐसी जगह है जहां भाई-भतीजावाद का कोई स्थान नहीं है। रांची में स्कूली बच्चों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने बच्चों से देश की सेवा करने और दुनिया घूमने के लिए सशस्त्र बलों में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सेना में शामिल होकर न केवल देश की सेवा की जा सकती है, बल्कि यह दुनिया और देश के विभिन्न हिस्सों को देखने का भी अवसर प्रदान करती है।

जनरल चौहान ने इस वर्ष प्राकृतिक आपदाओं के दौरान नागरिकों को बचाने के लिए सेना द्वारा किए गए अधिकतम प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस साल प्राकृतिक आपदाओं की संख्या अधिक होने के बावजूद, सशस्त्र बलों ने लोगों की जान बचाने के लिए हरसंभव कोशिश की। यह दर्शाता है कि सेना न केवल युद्ध के समय, बल्कि संकट की घड़ी में भी देशवासियों के साथ खड़ी रहती है।

ऑपरेशन सिंदूर का दिया उदाहरण

उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। जनरल चौहान ने बताया कि नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 7 मई को रात 1 बजे पहला सटीक हमला किया गया। रात में लंबी दूरी के लक्ष्यों पर सटीक हमले के लिए विशेष प्रयासों की जरूरत थी।

सशस्त्र बलों में शामिल होने का बनाएं लक्ष्य 

जनरल चौहान ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा, “सेना में भाई-भतीजावाद नहीं है। अगर आप देश की सेवा करना चाहते हैं और दुनिया देखना चाहते हैं, तो सशस्त्र बलों में शामिल होने का लक्ष्य बनाएं।” उनकी यह बातें युवाओं में देशभक्ति और सेना के प्रति उत्साह जगाने वाली थीं।