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प्रदूषण के खिलाफ सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा कदम, 6 नए मॉनिटरिंग स्टेशन और 100 वायु रक्षक लॉन्च, कहा- पिछली सरकारों ने सिर्फ दिखावा किया

Written by:Gaurav Sharma
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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 6 नए सतत वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (CAAQMS) और 100 'वायु रक्षक' पहल की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई 365 दिन चलेगी और उनकी सरकार समस्या के मूल कारण पर काम कर रही है, न कि पिछली सरकारों की तरह दिखावटी उपायों पर।
प्रदूषण के खिलाफ सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा कदम, 6 नए मॉनिटरिंग स्टेशन और 100 वायु रक्षक लॉन्च, कहा- पिछली सरकारों ने सिर्फ दिखावा किया

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई को और तेज करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण पहल की। दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने 6 नए सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (CAAQMS) का ऑनलाइन उद्घाटन किया और 100 ‘वायु रक्षक’ की टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कदम का उद्देश्य प्रदूषण की निगरानी को और मजबूत करना और नियमों को ज़मीनी स्तर पर लागू करना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उनकी सरकार प्रदूषण की समस्या को मौसमी नहीं, बल्कि साल भर की चुनौती मानकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को साफ, स्वच्छ और सांस लेने योग्य हवा देना उनकी सरकार का संकल्प है। कार्यक्रम में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

दिल्ली का एयर मॉनिटरिंग नेटवर्क अब देश में सबसे बड़ा

इन 6 नए स्टेशनों के शुरू होने के साथ ही दिल्ली में CAAQMS की कुल संख्या 46 हो गई है, जो देश के किसी भी शहर में सबसे ज़्यादा है। ये नए स्टेशन जेएनयू, इग्नू, एसपीएमएसपीसी तालकटोरा गार्डन, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, दिल्ली कैंटोनमेंट और एनएसयूटी (वेस्ट कैंपस) में स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने डेटा पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा, “एयर क्वालिटी डेटा पूरी तरह पारदर्शी होता है जिसे किसी भी स्तर पर बदला नहीं जा सकता। पीएम 10 और पीएम 2.5 का डेटा हर घंटे और अन्य पैरामीटर्स का डेटा हर 5 मिनट में ऑनलाइन अपडेट होता है। हमारी सरकार पारदर्शिता के साथ पॉलिसी बनाने में विश्वास करती है।” वर्तमान में 46 स्टेशनों में से 30 दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC), 10 भारत मौसम विज्ञान विभाग/आईआईटीएम और 6 केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। सरकार की योजना आने वाले समय में 14 और स्टेशन स्थापित करने की है।

“पहले सोच यह थी कि थोड़े दिन शोर मचाओ और फिर भूल जाओ। स्मॉग टॉवर जैसे दिखावटी उपाय किए गए, जिनका कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ा। हमारी सरकार समस्या की जड़ तक जाकर समाधान कर रही है।”- रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री, दिल्ली

सिर्फ मॉनिटरिंग नहीं, ज़मीनी स्तर पर एनफोर्समेंट भी

इस मौके पर पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि निगरानी के साथ-साथ नियमों को लागू करना भी उतना ही ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि वायु रक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि नियम सिर्फ कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू हों। 100 वायु रक्षक डीपीसीसी के साथ काम करेंगे, जबकि 600 अन्य वायु रक्षक दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर नजर रख रहे हैं।

उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, “दिल्ली में 15 साल कांग्रेस और 10 साल आम आदमी पार्टी ने शासन किया, लेकिन किसी ने स्थायी समाधान नहीं निकाला। आज पहली बार प्रदूषण के स्रोत पर काम हो रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि डीपीसीसी में 233 रिक्त पदों में से 157 पद केवल 11 महीनों में भर दिए गए, जो पिछले 10 वर्षों की तुलना में लगभग दोगुना है।

प्रदूषण के खिलाफ बहुआयामी लड़ाई

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हर मोर्चे पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (डीटीसी) के पास आज देश में लगभग 4000 ईवी बसों का सबसे बड़ा बेड़ा है और 2028 तक 14,000 क्लीन फ्यूल बसें लाने का लक्ष्य है। इसके अलावा कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, मिस्ट स्प्रे, मैकेनिकल रोड स्वीपर और ग्रीन कवर बढ़ाने जैसे कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।