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फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद बोले डिप्टी CM सुरिंदर चौधरी, कहा – ‘सुरक्षा बढ़ाएं या पूरी तरह से हटा लें’

Written by:Rishabh Namdev
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जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की कोशिश के बाद राज्य की राजनीति में सुरक्षा को लेकर नई बहस छिड़ गई है। दरअसल उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताते हुए जैमर और नई बुलेट-प्रूफ गाड़ियों की मांग की है।
फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद बोले डिप्टी CM सुरिंदर चौधरी, कहा – ‘सुरक्षा बढ़ाएं या पूरी तरह से हटा लें’

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए एक सुरक्षा मामले ने राजनीतिक हलकों में भी चिंता बढ़ा दी है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की कोशिश के बाद उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। दरअसल उनका कहना है कि मौजूदा सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं और इसमें जल्द सुधार किया जाना चाहिए।

दरअसल उपमुख्यमंत्री ने पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों से कहा है कि अगर खतरे के आकलन के आधार पर सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है तो तुरंत कदम उठाए जाना चाहिए। वहीं अगर अधिकारियों को लगता है कि सुरक्षा की जरूरत नहीं है तो मौजूदा सुरक्षा भी हटा दी जाना चाहिए। दरअसल उनका यह बयान सामने आने के बाद राज्य में वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

शादी समारोह में गोली चलाने की कोशिश की गई

दरअसल यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान फारूक अब्दुल्ला पर बहुत करीब से गोली चलाने की कोशिश की गई थी। जानकारी दे दें कि घटना 11 मार्च की बताई जा रही है। इस दौरान 63 वर्षीय आरोपी कमल सिंह को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं घटना के वक्त उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी भी उसी कार्यक्रम में मौजूद थे और फारूक अब्दुल्ला के काफी करीब खड़े थे। इस वजह से उन्हें भी सुरक्षा को लेकर चिंता हुई। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा कितनी अहम होती है।

जैमर गाड़ी गायब, बुलेट-प्रूफ वाहन भी खस्ताहाल

दरअसल उपमुख्यमंत्री के कार्यालय की ओर से सुरक्षा विभाग को भेजे गए पत्र में कई गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं। बता दें कि इसमें कहा गया है कि लगभग छह महीने पहले मरम्मत के नाम पर उनके काफिले से एक जैमर गाड़ी हटा ली गई थी, जो अब तक वापस नहीं आई है। जैमर गाड़ी का इस्तेमाल अक्सर वीवीआईपी काफिले को संभावित खतरे से बचाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा पत्र में यह भी बताया गया कि उपमुख्यमंत्री के दौरे के लिए 13 मार्च को एक बुलेट-प्रूफ फॉर्च्यूनर गाड़ी की मांग की गई थी। यह वाहन 15 मार्च से सीमावर्ती इलाके नौशेरा विधानसभा क्षेत्र के दौरे के लिए चाहिए था, लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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