रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी मुश्किल में फंस चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को रिलायंस ADA समूह के प्रमुख अनिल अंबानी को 14 नवंबर को पेश होने का समन भेजा है। ED मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे पूछताछ करेगी। बता दें कि इससे पहले अगस्त में अनिल अंबानी से पूछताछ हुई थी।

अनिल अंबानी की संपत्ति कुर्क

बता दें कि जांच एजेंसी ने 3 नवंबर को अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों की लगभग 7500 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की थी। ED की ओर से कुर्क की अचल संपत्तियां दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मुंबई, पुणे, ठाणे, हैदराबाद, चेन्नई और आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी में स्थित हैं। इनमें आवासीय इकाइयां, कार्यालय परिसर और भूखंड भी शामिल हैं।

ED ने भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 120-बी, 406 और 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1989 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(डी) के तहत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से दर्ज FIR के आधार पर यह कार्रवाई की थी।

अनिल अंबानी के खिलाफ 4 मामले दर्ज

अनिल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के 4 मामले दर्ज हो गए हैं। रिलायंस समूह की कंपनियों को 2017-2019 के बीच यस बैंक से मिले करीब 3,000 करोड़ रुपये के लोन में भी अनियमितताएं सामने आई हैं। रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड समेत समूह की अन्य कंपनियों ने बैंकों से 12,524 करोड़ रुपये का लोन लिया था। इसमें से 6,931 करोड़ रुपये का लोन गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (NPA) घोषित हो गया। ये राशि रिलायंस समूह की अन्य कंपनियों को वापस भेज दी गई।