कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के कर्मचारियों और खाता धारकों के लिए राहत भरी खबर है।ईडीएलआई योजना 1976 के तहत न्यूनतम ₹50,000 का लाभ सुनिश्चित है, भले ही सदस्य ने लगातार एक वर्ष की सेवा पूरी न की हो। आसान शब्दों में कहें तो अब अगर किसी कर्मचारी का पीएफ बैलेंस ₹50,000 से कम भी है, तब भी उसके निधन होने पर कर्मचारी के परिवार को कम से कम ₹50,000 का बीमा लाभ मिलेगा। इसके लिए हाल ही में श्रम और रोजगार मंत्रालय ने EPFO की EDLI (कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना) के नियमों बदलाव किया है।
PF खाते में नहीं है पैसे फिर भी नॉमिनी को मिलेंगे 50,000 रुपए
दरअसल, पहले यह नियम था कि कर्मचारी के पीएफ खाते में कम से कम 50,000 रुपये होने चाहिए, तभी उसके नॉमिनी को इंश्योरेंस का लाभ मिलता था लेकिन केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने साफ किया है कि अगर किसी कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को कम से कम 50,000 रुपए का बीमा लाभ मिलेगा, भले ही कर्मचारी के पीएफ खाते में इतनी राशि न हो।इससे लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधे फायदा मिलेगा।
अब 60 दिन के नौकरी गैप को ब्रेक नहीं माना जाएगा
- मंत्रालय ने ईपीएफओं के एक और नियम में बदलाव किया है, इसके तहत अगर किसी कर्मचारी की दो नौकरियों के बीच अधिकतम 60 दिन का ब्रेक है तो इसे नौकरी में गैप या रूकावट नहीं माना जाएगा। आसान शब्दों में कहें तो 12 महीने की लगातार सर्विस गिनने में 60 दिन तक का गैप कोई प्रभाव नहीं डालेगा ।
- इसमें सभी नौकरियों को जोड़कर एक जैसी (कंटिन्युअस) सर्विस मानी जाएगी और आपको बीमा का पूरा लाभ मिलेगा।अगर कोई कर्मचारी पीएफ योजना का मेंबर है (चाहे वो सामान्य पीएफ हो या धारा 17 के तहत छूट प्राप्त पीएफ) और नौकरी में रहते हुए आखिरी पीएफ योगदान के 6 महीने के अंदर उसकी मृत्यु हो जाती है, तो भी परिवार को इस योजना के तहत बीमा राशि दी जाएगी बशर्ते कर्मचारी उस समय कंपनी की रोल पर मौजूद हो।
क्या है EDLI योजना, किस तरह मिलता है लाभ
- कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) EPFO के तहत संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को नौकरी के दौरान अप्रत्याशित मृत्यु की स्थिति में बीमा सुरक्षा देना है।मृत्यु होने पर कानूनी उत्तराधिकारी को एकमुश्त राशि मिलती है।
- इस योजना के तहत 2.5 लाख रुपए से लेकर 7 लाख रुपए तक का बीमा कवर दिया जाता है।खास करके यह स्कीम उन EPF खाताधारकों को कवर करती है, जिनकी नौकरी के एक वर्ष के भीतर मृत्यु हो जाती है।
- नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों को भी अब बीमा कवरेज मिलता है।ईडीएलआई के तहत मिलने वाली बीमा राशि पिछले 12 महीना में मिले मासिक वेतन का 35 गुना होता है।






