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EPS Pension : कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए जरूरी खबर, क्या नए साल से पहले न्यूनतम पेंशन में वृद्धि होगी? जानें क्या है अपडेट

Written by:Pooja Khodani
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EPS पेंशन में नियोक्ता का 8.33 प्रतिशत और केंद्र सरकार का 1.16 प्रतिशत योगदान होता है। इसी के आधार पर भविष्य में पेंशन दी जाती है।सरकार ने 2024 में EPS-95 के तहत 1,000 रुपये की मिनिमम पेंशन तय की थी जिसमें आजतक बदलाव नहीं हुआ है।
EPS Pension : कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए जरूरी खबर, क्या नए साल से पहले न्यूनतम पेंशन में वृद्धि होगी? जानें क्या है अपडेट

EPFO Pension Hike : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organization) के कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए काम की खबर है ।कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत आने वाले एम्प्लॉई पेंशन स्कीम, 1995 (EPS-95) पेंशनर्स की नए साल से पहले मिनिमम पेंशन बढ़ेगी या नहीं? क्या केन्द्र सरकार मिनिमम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये करने पर विचार कर रही है, इस पर नया अपडेट आया है।आखिरी बार केंद्र सरकार ने साल 2014 में ईपीएफओ के सब्सक्राइबर्स को मिलने वाली न्यूनतम पेंशन 250 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रति माह तय की थी।

EPF पेंशन बढ़ेगी? संसद में मंत्री ने दिया ये जवाब

  • दरअसल, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान एक बार फिर ईपीएस पेंशन बढ़ाने का मुद्दा उठा । लोकसभा सांसद बलिया मामा-सुरेश गोपीनाथ म्हात्रे (Balya Mama Suresh Gopinath Mhatre) ने केन्द्र सरकार से सवाल पूछा कि क्या सरकार न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने जा रही है? क्या न्यूनतम पेंशन बढ़ाने पर विचार हो रहा है।इन कर्मचारियों को डीए क्यों नहीं मिलता। पिछले 10 वर्षो से EPS-95 के करीब 80 लाख पेंशनर्स न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे है? क्या पेंशनर्स की समस्याओं पर कोई कदम उठाए हैं और अगर उठाए हैं तो अबतक क्या कार्रवाई की गई है?
  • इस पर जवाब देते हुए श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि EPS फंड में वित्तीय कमी है, ऐसे में फिलहाल ₹7,500 तक बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचार में नहीं है।EPS एक कॉन्ट्रीब्यूशन बेस्ड स्कीम है, जो सैलरी पर आधारित नहीं है, इसमें DA का स्ट्रक्चर शामिल नहीं है इसीकारण EPS पेंशनर्स को महंगाई भत्ता सामान्य सरकारी पेंशन की तरह नहीं मिलता है।

आखिरी बार 2014 में बढाई गई थी पेंशन

गौरतलब है कि EPFO के अंतर्गत आने वाले निजी कर्मचारियों को कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के माध्यम से न्यूनतम पेंशन मिलती है।सितंबर 2014 में केंद्र सरकार ने ईपीएस 1995 के तहत आने वाले पेंशनभोगियों की पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह की थी। वर्तमान में EPF-95 के तहत लगभग 186 संस्थान आते हैं। 80 लाख पेंशनभोगी ऐसे हैं जो इस कैटेगरी में आते हैं। अक्टूबर में खबर आई थी कि मोदी सरकार न्यूनतम पेंशन की रकम बढ़ाने पर विचार कर रही है, सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में इस पर फैसला लिया जा सकता है लेकिन संसद में दिए गए जवाब के बाद सारी स्थिति स्प्ष्ट हो गई है और तमाम अटकलों पर भी विराम लग गया है।

EPS क्या है?

  • कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) एक रिटायरमेंट योजना है जिसे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की तरफ से संचालित क‍िया जाता है।यह संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी देती है।
  • EPS का फंड नियोक्ता के कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में 12% योगदान का हिस्सा होता है।इसमें से 8.33% EPS में जाता है और बाकी 3.67% EPF में जमा होता है।
  • वर्तमान में EPF-95 के तहत लगभग 186 संस्थान आते हैं। EPS का कुल कोष 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का है।योजना के तहत 78.5 लाख पेंशनर्स हैं, जिनमें से 36.6 लाख को न्यूनतम 1,000 रुपये की पेंशन मिलती है ।