कर्मचारियों और खाताधारकों के लिए काम की खबर है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 6 महीने की एकमुश्त विवाद समाधान योजना ‘विश्वास (VISHWAS), 2026’ शुरू की है। इससे पीएफ (PF) अंशदान में कंपनियों की ओर से की गई देर से जुड़े पुराने विवादों और मुकदमों को निपटाने में मदद मिलेगी।
यह योजना 29 जून 2026 से लागू हो गई है और 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। इस योजना का उद्देश्य स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने, मुकदमेबाजी को कम करने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए जुर्माने, क्षतिपूर्ति से संबंधित काफी समय से लंबित विवादों का जल्द समाधान करना है।
बता दें कि यह ईपीएफ योजना 2026 के भाग के रूप में 29 जून 2026 को जीएसआर 525(ई) के माध्यम से अधिसूचित की गई है और 29 जून 2026 से प्रभावी हो गई है। यह अधिसूचना की तिथि से छह महीने की अवधि तक परिचालन में रहेगी।
योजना में कौन से मामले शामिल हैं
- ऐसे मामले जिनमें जुर्माने या क्षतिपूर्ति के आदेशों को न्यायिक मंच के समक्ष चुनौती दी गई हो।
- अंतिम क्षतिपूर्ति या जुर्माने के आदेश जहां वसूली लंबित है या केवल आंशिक रूप से की गई है, जिसमें वसूली प्रमाणपत्र (RRC) मामले भी शामिल हैं।
- ऐसे मामले जिनमें नोटिस जारी किए जा चुके हैं लेकिन हर्जाने या जुर्माने के संबंध में अंतिम आदेश अभी पारित नहीं किए गए हैं।
- ऐसे मामले जिनमें जुर्माने या क्षतिपूर्ति के नोटिस अभी जारी नहीं किए गए हैं।
पेनल्टी दरों में कमी
14 जून 2024 से पूर्व की अवधि से संबंधित चूकों के लिए क्षतिपूर्ति या जुर्माने की गणना काफी कम दरों पर की जाएगी। इन रियायती दरों का उद्देश्य नियोक्ताओं को लंबित विवादों को शीघ्रता से हल करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
- 2 महीने तक की देरी पर: 0.25% प्रति माह की दर से जुर्माना।
- 2 से 4 महीने तक की देरी पर: 0.50% प्रति माह की दर से जुर्माना।
- 4 महीने से अधिक की देरी पर: 1.00% प्रति माह की दर से जुर्माना।
नियम और शर्ते
- योजना का लाभ उठाने के लिए नियोक्ता को पहले पीएफ का मूल बकाया और उस पर लागू वैधानिक ब्याज पूरी तरह से जमा करना होगा।
- मामले को सुलझाने के लिए नियोक्ता को अदालत या ट्रिब्यूनल से अपनी याचिकाएं वापस लेने का शपथ पत्र देना होगा। आवेदकों को यह वचन देना होगा कि योजना के तहत निपटाए गए विवाद के संबंध में आगे कोई अपील नहीं की जाएगी।
- धोखाधड़ी , धन की हेराफेरी या रिकॉर्ड में हेरफेर से जुड़े गंभीर मामलों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। जिन प्रतिष्ठानों में जुर्माना या हर्जाना पूरी तरह से वसूल किया जा चुका है, धोखाधड़ी, गबन या अभिलेखों में जानबूझकर हेराफेरी से जुड़े मामले और ऐसे मामले जिनमें लागू वैधानिक ब्याज पूरी तरह से जमा नहीं किया गया है, उन्हें इस योजना से बाहर रखा गया है।
कैसे कर सकते हैं आवेदन
- इस योजना के लिए आवेदन पूरी तरह से डिजिटल है, जिसे ईपीएफओ के एम्प्लॉयर पोर्टल (EPFO Employer Portal) पर जाकर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) या ई-साइन के माध्यम से ऑनलाइन जमा किया जा सकता है।
- आवेदनों के त्वरित निपटान के लिए ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालयों में समर्पित ‘विश्वास सेल’ (VISHWAS Cells) बनाए गए हैं। यह प्रक्रिया आवेदन दाखिल करने में आसानी, ऑनलाइन सत्यापन, डिजिटल प्रसंस्करण और निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटान आदेश जारी करने को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।






