Assam Employees DA Hike 2025 : केन्द्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने के बाद अब राज्य सरकारों ने भी डीए की दरों में संशोधन करना शुरू कर दिया है। गुजरात, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड. ओडिशा, अरूणाचल प्रदेश, हिमाच प्रदेश, सिक्किम, बिहार, त्रिपुरा, कर्नाटक और राजस्थान के बाद अब असम की हेमंता बिस्वा सरकार ने भी अपने 7.38 लाख कर्मचारियों व पेंशनरों के को तोहफा देते हुए महंगाई भत्ते व राहत में 3 फीसदी की वृद्धि कर दी है, जिसके बाद डीए 55 फीसदी से बढ़कर 58 फीसदी हो गया है। जुलाई 2025 से नई दरें लागू होने के चलते जुलाई अगस्त सितंबर का एरियर भी मिलेगा। बढ़े हुए डीए का लाभ अक्टूबर की सैलरी के साथ नवंबर में दिया जाएगा।
इससे पहले अप्रैल 2025 में बढ़ा था महंगाई भत्ता
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इससे पहले अप्रैल महीने में सीएम हेमंता बिस्वा ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के DA/DR की दर को 53% से बढ़ाकर 55% करने का फैसला किया था। यह दरें 1 जनवरी 2025 से लागू की गई थी इसके चलते जनवरी फरवरी (1 जनवरी से 28 फरवरी 2025) का एरियर 2 किस्तों में दिया गया था। इसमें पहली किस्त मई में वेतन के साथ और दूसरी जून में दी गई।वही बढ़े हुए डीए का लाभ अप्रैल की सैलरी में दिया गया। इसके बाद अब जुलाई 2025 से 3 फीसदी डीए बढ़ाया गया है। इस वृद्धि के बाद अब असम के कर्मचारियों पेंशनरों का भी डीए केन्द्र के समान हो गया है।
क्या होता है मंहगाई भत्ता
- महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।
- केंद्र सरकार द्वारा हर साल 2 बार केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह वृद्धि हर साल जनवरी/जुलाई से की जाती है, जिसका ऐलान मार्च और अक्टूबर के आसपास होता है। केन्द्र सरकार के ऐलान के बाद राज्य सरकारों द्वारा घोषणा की जाती है।