केंद्र सरकार द्वारा साल में 2 बार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते व महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है। यह दरें श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के छमाही (जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर) आंकड़ों पर निर्भर करती हैं।
जनवरी 2026 से केंद्र सरकार ने 2% महंगाई भत्ते में वृद्धि की है, जिसका ऐलान अप्रैल 2026 में किया गया। अब जुलाई 2026 की नई दरों का ऐलान होना है, जो जनवरी से जून तक के AICPI-IW आंकड़ों पर निर्भर करेगी। श्रम मंत्रालय के तहत आने वाले लेबर ब्यूरो ने अप्रैल 2026 के AICPI-IW आंकड़े जारी कर दिए हैं। अप्रैल महीने में औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 0.8 अंक बढ़कर 149.9 अंक पर पहुंच गया है, जो मार्च में 149.1 अंक पर था।
अप्रैल तक के इन आंकड़ों के आधार पर डीए का कैलकुलेशन करीब 62.54% तक पहुंच गया है, जो 2% वृद्धि की ओर संकेत कर रहा है। फिलहाल मई व जून के अंक आना बाकी है जिसके बाद स्पष्ट हो पाएगा कि जुलाई 2026 से डीए में कितनी वृद्धि होगी। यदि मई और जून 2026 के महीनों में भी आंकड़े इसी ट्रेंड में रहे और स्कोर 63.72% के आसपास पहुंचा तो 3% वृद्धि तय है। चूंकि सरकार दशमलव के बाद के अंकों को छोड़कर केवल पूर्ण संख्या को ही आधार मानती है, इसलिए जुलाई 2026 से कुल डीए 63% होने की संभावना है।
वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 60% की दर से डीए मिल रहा है, जिसे सरकार ने अप्रैल 2026 में मंजूरी दी थी और यह जनवरी 2026 से प्रभावी है। इस लिहाज से देखा जाए तो जुलाई 2026 से लागू होने वाले अगले संशोधन में कर्मचारियों के डीए में सीधा 3% का इजाफा देखने को मिल सकता है। इसके लागू होने के बाद कर्मचारियों का कुल डीए 60% से बढ़कर 63% पहुंच सकता है।
यह डीए बढ़ोतरी 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग के औपचारिक समापन के बाद दूसरी समीक्षा है। इसका लाभ 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन (DR) पर पड़ेगा।
उदाहरण के तौर पर, जिस कर्मचारी की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, उन्हें अभी 60% की दर से 10,800 रुपये डीए मिलता है। 63% डीए होने पर यह राशि बढ़कर 11,340 रुपये हो जाएगी, जिससे उनकी मासिक सैलरी में सीधे 540 रुपये की वृद्धि होगी। पेंशनधारकों की न्यूनतम 9,000 रुपये की बेसिक पेंशन पर भी लागू होगा, जिससे उन्हें हर महीने 270 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
जून 2026 के अंतिम AICPI-IW आंकड़ों के आने के बाद श्रम मंत्रालय द्वारा वित्त मंत्रालय को सारे आंकड़े भेजे जाएंगे जिसके बाद प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते की नई दरों का ऐलान केंद्रीय कैबिनेट द्वारा सितंबर अंत या अक्टूबर 2026 की शुरुआत में त्योहारों के सीजन होने की संभावना है।
कैसे होती है महंगाई भत्ते की गणना?
- 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के नियमों के अनुसार, कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता पिछले 12 महीनों के AICPI-IW आंकड़ों के औसत के आधार पर तय किया जाता है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की गणना करने का एक फॉर्मूला है।
- फॉर्मूला है: 7वां सीपीसी डीए% = [{पिछले 12 महीनों के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (आधार वर्ष 2001=100) का 12 महीने का औसत – 261.42}/261.42×100]






