दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर लंबे समय से चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन का फल शनिवार को आखिर उनको मिल ही गया। भारत सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और राष्ट्रपति राष्ट्रपति मुर्मू ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार भी कर लिया है। इसके बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की है एवं सभी छात्रों से अपने अपने घर वापस लौटने की अपील की है।
बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उनकी जगह शिक्षा मंत्रालय का प्रभार अब कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को अतिरिक्त जिम्मेदारी के तौर पर सौंपा गया है। प्रह्लाद जोशी, जो वर्तमान में खाद्य और उपभोक्ता मामलों के विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं अब शिक्षा मंत्रालय का भी कार्यभार संभालेंगे। प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने पर कॉकरोच जनता पार्टी का भी पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने पर सीजेपी की प्रतिक्रिया
बता दें कि सीजेपी ने पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को ‘लोकतंत्र की जीत’ बताया है और नए मंत्री को स्पष्ट संदेश दिया है कि देश का युवा हर कदम पर नजर रखे हुए है। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने हमारी चिंताओ और मांगों पर ध्यान दिया है। उन मांगो ने पूरे देश के युवाओं को प्रभावित किया, इसीलिए इस आंदोलन को पूरे देश में समर्थन मिला। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि जो भी शिक्षा मंत्री बने, उन्हें पता होना चाहिए कि युवा देख रहे हैं। वे जवाबदेही की मांग करेंगे। इसलिए, जब समय आए, युवाओं के हित में काम करें।
सौरव दास ने कहा कि सरकार को पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगानी चाहिए और हमारे डिमांड चार्टर में शामिल पांच सूत्रीय सिफारिशों को जल्द से जल्द लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी टीम जल्द ही नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मुलाकात करेगी। सरकार ने एक महीने के भीतर बैठक करने का आश्वासन दिया है। इसके बाद बैठक के नतीजों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। वहीं सीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से भी मुलाकात कर आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों पर चर्चा की।
कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन भी खत्म
पिछले करीबे एक महीने दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था। नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की जा रही थी। शनिवार दोपहर धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद जंतर मंतर पर चल रहा आंदोलन भी खत्म हो गया। परीक्षा प्रणाली में सुधार, नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर 20 जून को छात्रों का विरोध-प्रदर्शन शुरू हुआ था।
#WATCH | Delhi | On Union Minister Pralhad Joshi given additional charge of the Education Ministry, Cockroach Janta Party’s Chief Spokesperson Saurav Das says, “Our concerns and demands have been addressed. Those demands resonated with the youth across the country, which is why… pic.twitter.com/FvxwPrUFxX
— ANI (@ANI) July 25, 2026





