क्या बिहार भी अब दिल्ली की राह पर चलेगा? केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में छात्र आंदोलन की जो आग भड़की है, उसकी तपिश अब बिहार की सियासत में भी साफ महसूस की जा रही है। यह महज छात्रों का आंदोलन नहीं, बल्कि एक बड़े सियासी बदलाव की आहट है, जिसकी गूंज अब बिहार के राजनीतिक गलियारों तक पहुंच चुकी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के इस निर्णायक आंदोलन को अपनी जीत मान रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थन में अब बिहार की राजनीति के एक बड़े चेहरे, जनशक्ति जनता दल (जेजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव भी खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने एक ऐसा दांव चला है, जिसने सीधे तौर पर सम्राट चौधरी सरकार को चुनौती दे दी है।
तेज प्रताप यादव ने बिना किसी लाग-लपेट के, सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ का सहारा लेते हुए, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके से सीधे बिहार आने की अपील कर डाली है। यह सिर्फ एक अपील नहीं, बल्कि राज्य में एक मजबूत और व्यापक जनआंदोलन छेड़ने का आह्वान है, जिसकी जरूरत आज की तारीख में बिहार को शायद सबसे ज्यादा है। क्या मौजूदा सरकार जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ रही है? क्या युवाओं का भविष्य दांव पर नहीं है? इन्हीं सवालों के बीच तेज प्रताप ने अभिजीत दीपके को बिहार की धरती पर आमंत्रित किया है, ताकि वे यहां आकर बदलाव की नई इबारत लिख सकें।
तेज प्रताप का अभिजीत दीपके की तस्वीर के साथ एक्स पर किया पोस्ट
तेज प्रताप यादव ने अपनी और अभिजीत दीपके की एक तस्वीर साझा करते हुए जो संदेश दिया है, वह बेहद स्पष्ट है। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से विशेष आग्रह किया है कि वे बिना किसी भी प्रकार की देरी किए, तुरंत बिहार की पावन धरती पर पधारें। तेज प्रताप का मानना है कि बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां जिस तरह से करवट ले रही हैं, उसे देखते हुए राज्य में एक ऐसे जनआंदोलन की आवश्यकता अब अनिवार्य हो गई है, जो जनता की आवाज को बुलंद कर सके और सत्ता के गलियारों तक पहुंचा सके। क्या यह सच नहीं है कि बिहार को एक मजबूत नेतृत्व की दरकार है, जो आम आदमी के मुद्दों को उठा सके और उसे न्याय दिला सके?
सम्राट चौधरी सरकार के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने की अपील
तेज प्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी मंशा और स्पष्ट कर दी है। उन्होंने लिखा कि वे चाहते हैं कि अभिजीत दीपके बिहार आकर यहां की आम जनता की, जो आज भी अपने हक के लिए तरस रही है, उसकी बुलंद आवाज बनें। उनका आह्वान है कि अभिजीत दीपके सम्राट चौधरी सरकार के खिलाफ इस आंदोलन की बागडोर संभालें और इसका नेतृत्व करें। तेज प्रताप ने साफ तौर पर कहा कि प्रदेश के बेहतर भविष्य और जनहित के लिए जो भी कठोर कदम उठाने होंगे, उसमें उनकी पार्टी जनशक्ति जनता दल और उनके सभी समर्थक, चाहे कुछ भी हो जाए, हर मुश्किल में कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े रहेंगे। यह सिर्फ एक आश्वासन नहीं, बल्कि एक प्रतिबद्धता है कि वे बिहार के लोगों के लिए संघर्ष करेंगे, जब तक उन्हें उनका हक नहीं मिल जाता।
जनशक्ति जनता दल ने समर्थन देने की घोषणा की
जनशक्ति जनता दल ने इस आंदोलन को अपना पूरा और अटूट समर्थन देने की घोषणा की है। तेज प्रताप यादव ने यह भी भरोसा दिलाया कि युवाओं और छात्रों के हितों की इस निर्णायक लड़ाई में, उनकी पार्टी हर स्तर पर सहयोग करेगी। यह लड़ाई सिर्फ एक परीक्षा या एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार के युवाओं के भविष्य और राज्य की दिशा तय करने वाली है। क्या बिहार के लोग इस आह्वान पर एकजुट होकर एक नई क्रांति का सूत्रपात करेंगे? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि बिहार की राजनीति में अब एक नया अध्याय शुरू होने वाला है, जिसकी धमक दूर तक सुनाई देगी।
मैं, तेज प्रताप यादव, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से यह विशेष अपील करता हूँ कि वे अविलंब बिहार की धरती पर आएं।
बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए आज एक कड़े और मजबूत जनांदोलन की आवश्यकता है। मैं उनसे आग्रह करता हूँ कि वे बिहार आकर यहाँ की जनता की… pic.twitter.com/ADzYCxfB4w— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) July 25, 2026






