ग्रेटर नोएडा वेस्ट के टेकजोन-4 स्थित गैलेक्सी वेगा सोसायटी में लिफ्ट खराब होने से पांच लड़कियां करीब 30 मिनट तक अंदर फंसी रहीं। इस दौरान कुछ समय के लिए लाइट भी बंद हो गई, जिससे लड़कियां घबरा गईं। खुद को शांत रखने के लिए उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ शुरू किया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब लिफ्ट अचानक बीच में रुक गई। सोसायटी के कुछ लोगों का आरोप है कि लिफ्ट में लगी आपातकालीन लाइट और बैकअप सिस्टम भी ठीक से काम नहीं कर रहे थे। अंधेरा होने की वजह से अंदर मौजूद लड़कियां काफी डर गईं। कुछ देर बाद उन्होंने मोबाइल की रोशनी में हनुमान चालीसा पढ़ना शुरू किया। घटना के बाद कई निवासियों ने सोसायटी की मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि यहां पहले भी लिफ्ट से जुड़ी शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया।
लिफ्ट सुरक्षा और मेंटेनेंस बना बड़ा मुद्दा
सोसायटी के पूर्व एओए अध्यक्ष का कहना है कि जब लड़कियां लिफ्ट में फंसी थीं, तब वे मदद के लिए मेंटेनेंस कार्यालय पहुंचे। उनका आरोप है कि वहां मौजूद कुछ लोगों ने सहयोग करने के बजाय अभद्र व्यवहार किया। वहीं कई निवासियों ने यह भी दावा किया कि परिसर में लगे कई सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो गई है। लोगों का कहना है कि अगर किसी बड़ी दुर्घटना या अपराध की घटना होती है तो जांच में भी परेशानी आ सकती है।
विशेषज्ञ भी मानते हैं कि किसी भी हाईराइज सोसायटी में लिफ्ट का नियमित निरीक्षण, बैकअप पावर, इमरजेंसी लाइट, अलार्म सिस्टम और इंटरकॉम का सही तरीके से काम करना बेहद जरूरी है। अगर इन व्यवस्थाओं की समय-समय पर जांच नहीं होती तो छोटी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे मामलों में मेंटेनेंस एजेंसी और सोसायटी प्रबंधन की जिम्मेदारी काफी महत्वपूर्ण होती है।
लोगों से भी की गई अपील
घटना के बाद गैलेक्सी वेगा सोसायटी के एओए अध्यक्ष सुरेश नागर ने कहा कि एनपीसीएल की बिजली आपूर्ति अचानक बंद होने के कारण लिफ्ट रुक गई थी। उनके मुताबिक, तकनीकी टीम ने कुछ ही देर में बिजली बहाल कर लिफ्ट चालू करा दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि मेंटेनेंस स्टाफ पर लगाए जा रहे कई आरोप सही नहीं हैं और घटना के दौरान कुछ लोगों ने कार्यालय में आकर बदतमीजी की थी।
फिलहाल इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स का कहना है कि बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए लिफ्ट की नियमित जांच अनिवार्य होनी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने प्रशासन से ऐसी सोसायटियों का समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग भी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी लिफ्ट में कोई फंस जाए तो घबराने के बजाय इमरजेंसी बटन दबाना, हेल्पलाइन पर संपर्क करना और जबरन दरवाजा खोलने की कोशिश न करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आधुनिक हाउसिंग सोसायटियों में सिर्फ सुविधाएं होना काफी नहीं है, बल्कि उनका नियमित रखरखाव और सुरक्षा मानकों का पालन भी उतना ही जरूरी है। फिलहाल वायरल वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है और सोसायटी की व्यवस्थाओं को लेकर बहस जारी है।






