मिडिल ईस्ट में इन दिनों जबरदस्त तनाव की स्थिति देखने को मिल रही है। इसी बीच भारत में एलपीजी की कमी देखने को मिली। कमर्शियल सिलेंडर ऊपर रोक लगा दी गई और घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी भी देर से हो रही थी। हालांकि सरकार ने यह कहा था की स्थिति जल्द ही सुधर जाएगी। बीते दिनों शिवालिक और नंदा देवी जहाज एलपीजी लेकर भारत पहुंचे हैं।

इन दोनों जहाजों के बाद अब भारतीय झंडेवाला तेल टैंकर जग लाडकी गुजरात के अडानी पोर्ट्स मुंद्रा पर पहुंच चुका है। इसके पहुंचने के बाद ऊर्जा के आयात में महत्वपूर्ण वृद्धि देखने को मिलेगी।

कच्चा तेल लेकर पहुंचा जग लाडकी

यह जहाज अपने साथ लगभग 80886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर बंदरगाह पहुंचा है। UAE से आया यह कार्गो फुजैराह बंदरगाह पर लादा गया था। इसकी लंबाई 274.90 मीटर और चौड़ाई 15.04 मीटर है। इसके वजन की बात करें तो यह 164716 टन का है।

मुंद्रा पोर्ट है कच्चे तेल के आयात का प्रमुख स्थान

जिन परिस्थितियों में मुंद्रा पोर्ट पर तेल का टैंकर पहुंचा है। उससे यह जाहिर होता है कि भारी मात्रा में कच्चे तेल के आयात को संभालने में अडानी पोर्ट्स की सुविधा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस तरह की खेप आना तेल रिफाइनरी के लिए बहुत आवश्यक है। अपने काम को सुचारू रूप से चलाने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रिफाइनरी इन्हीं खेपों पर निर्भर रहती है।

ऑपरेशन संकल्प के तहत हो रहा काम

मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच भारत अपने व्यापारिक हितों की रक्षा करते हुए ऑपरेशन संकल्प के तहत इन जहाजों को देश लेकर आ रहा है। इसके पहले दो एलपीजी कैरियर भारत पहुंचे थे, जिनमें लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई थी। जल क्षेत्र में नौसैनिक लगातार अपनी स्थिति मजबूत बने हुए हैं। शिपिंग रूट्स की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए शिपिंग महानिदेशालय, भारती और प्लेसमेंट सेवा लाइसेंस एजेंसियों, जहाज मालिकों और इस क्षेत्र में मौजूद भारतीय राजनयिक मिशनों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए हर चीज पर नजर पैनी नजर रखी जा रही है।