मिडिल ईस्ट के बीच चल रहे संघर्ष के बीच एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने यात्रियों के लिए जरूरी खबर जारी की है। जानकारी के मुताबिक यह दोनों एयरलाइंस अपने यात्रियों के लिए 50 उड़ाने संचालित करने वाली है। इनमें से 26 शेड्यूल और 24 नॉन शेड्यूल उड़ाने हैं।
पश्चिम एशिया में चल रही है संघर्ष की वजह से उड़ान संचालन की मांग में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। 19-28 मार्च के बीच एयर इंडिया ने यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लिए पांच रूटों पर 36 उड़ानों के संचालन की घोषणा की है।
पश्चिमी एशिया के लिए फ्लाइट्स
जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक एयर इंडिया की ओर से शेड्यूल उड़ाने पूर्व निर्धारित समय और मार्ग पर चलने वाली कमर्शियल सेवाएं हैं। वही नॉन शेड्यूल उड़ाने प्राइवेट और चार्टर फ्लाइट्स होती है, जिन्हें मांग के आधार पर चलाया जाता है। एयर इंडिया ने एक बयान जारी किया है जिसमें उसने कहा कि दिल्ली लंदन, मुंबई लंदन, दिल्ली फ्रैंकफर्ट, दिल्ली ज्यूरिक, और दिल्ली टोरंटो मार्ग पर अतिरिक्त उड़ानों का संचालन किया जाएगा। इससे इन मार्गों पर 10,012 सीटें बढ़ जाएगी।
बता दें कि 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच के संघर्ष की वजह से पश्चिम एशिया में उड़ान संचालन बाधित हो गया है। ऐसे में एयर इंडिया द्वारा अतिरिक्त उड़ानों का संचालन करने से यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिल सकेंगे।
फंसे हुए यात्रियों को लाएंगे वापस
एयरलाइन की ओर से आयरलैंड के शैनन शहर के लिए विशेष उड़ान का संचालन करने की योजना भी बनाई गई है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि वहां फंसे हुए यात्रियों को दिल्ली लाया जा सके। न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट को तकनीकी खराबी की वजह से यहां मोड़ दिया गया था। बाद में विमान को आयरलैंड में ही रोक दिया गया। यही वजह है कि विशेष विमान के संचालन की योजना बनाई जा रही है।
पायलट संगठनों का क्या कहना
उड़ानों के संचालन को लेकर पायलट संगठन ने अपने सदस्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि एयरलाइन कंपनियां संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में यह उसके आसपास कोई भी उड़ान की योजना बनाने से पहले जोखिम का मूल्यांकन करें। एयरलाइन पायलट एसोसिएशन इंडिया ने भारतीय लाइसेंस वाले सभी पायलटों को यह कहा है कि ध्यान रखें कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में जोखिम का माहौल बिना किसी चेतावनी के तेजी से बदल सकता है।






