प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए विकास, सुधार, तकनीक, युवाओं, किसान, ग्रीन इकोनॉमी और भारत की वैश्विक ताकत को लेकर कई बड़े संदेश दिए। अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि “रिफॉर्म हमारे लिए Compulsion नहीं, Conviction है।” उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में देश में Next Level Reforms किए जाएंगे और भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सोच, लक्ष्य और पारंपरिक व्यवस्थाओं में बदलाव जरूरी है।
1 साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग
पीएम मोदी ने युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि आने वाले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI स्किल ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही युवाओं के लिए ऑनलाइन फ्री कोचिंग नेटवर्क को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की गई। सरकार का फोकस युवाओं को भविष्य की तकनीक और नए रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने पर रहेगा।
सप्तधारा से विकसित भारत का विजन
दरअसल प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भारत के विकास के लिए ‘सप्तधारा’ की बात की। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों को भारत की ताकत बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में तेजी से काम करके देश को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाया जा सकता है।
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि आज का दौर डेटा सेंटर, AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी का है। भारत को इनोवेशन का हब बनना होगा। उन्होंने भारत की डिजिटल पब्लिक टेक्नोलॉजी को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया।
किसानों और फूड प्रोसेसिंग को ग्लोबल पहचान दिलाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने किसान और फूड प्रोडक्शन-प्रोसेसिंग को भी विकास की महत्वपूर्ण धारा बताया। उन्होंने कहा कि भारत के खान-पान, मसाले, फल और फूलों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलानी होगी। फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देकर किसानों की आय और भारत की वैश्विक हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
तेज कनेक्टिविटी के लिए गति शक्ति
पीएम मोदी ने कहा कि देश में सीमलेस और फास्ट कनेक्टिविटी को और मजबूत करना होगा। शहरों को मेट्रो से जोड़ने, पोर्ट्स और पोर्ट-लैंड डेवलपमेंट को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर को भारत की आर्थिक रफ्तार के लिए अहम बताया।
ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी पर फोकस
प्रधानमंत्री ने ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी को भारत की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन मोबिलिटी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को ग्लोबल स्केल पर ले जाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सामने समस्याओं के समाधान प्रस्तुत कर रहा है और देश ग्रीन मूवमेंट की ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है। वहीं लंबी कोस्टलाइन, फिशरीज, कोस्टल टूरिज्म और कोस्टल टेक्नोलॉजी के जरिए ब्लू इकोनॉमी में भी भारत बड़ी भूमिका निभा सकता है।
योग से भारत की सॉफ्ट पावर को मिली वैश्विक पहचान
पीएम मोदी ने भारत की सॉफ्ट पावर का जिक्र करते हुए कहा कि योग ने पूरी दुनिया को भारत से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, हस्तशिल्प, संस्कृति, फिल्म, गेमिंग, VFX, एनिमेशन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों को भारत की वैश्विक ताकत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी सॉफ्ट पावर को वैश्विक सामर्थ्य के रूप में विकसित करना होगा।
Next Level Reforms का संकेत
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने साफ कहा कि सुधार भारत के लिए कोई मजबूरी नहीं, बल्कि विश्वास है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में देश Next Level Reforms की दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके लिए सिर्फ व्यवस्थाओं में नहीं, बल्कि सोच और लक्ष्यों में भी बदलाव करना होगा।






