भारत के विदेश मंत्री एय जयशंकर ने सोमवार, 19 जनवरी 2026 को दिल्ली में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ बैठक की। इस दौरान जशंकर ने पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों पर पोलैंड के रुख पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंंने कहा कि आतंकवाद के मामले में किसी भी तरह की नरमी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने पोलैंड से आग्रह किया कि वह आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए।
आतंकवाद को किसी तरह का समर्थन नहीं- जयशंकर
बैठक में जयशंकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत अपने पड़ोस में सक्रिय आतंकी ढांचों को लेकर गंभीर चिंतित है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती से चल रहे सीमा पार आतंकवाद को किसी भी तरह का समर्थन या वैधता नहीं मिलनी चाहिए। विदेश मंत्री ने यह भी जोड़ा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सभी देशों को एक जैसी और सख्त नीति अपनानी चाहिए।
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रीजनल और ग्लोबल मुद्दों पर चर्चा
एस जयशंकर ने कहा, अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोलैंड दौरे से हमारे रिश्ते को स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा मिला। हम ट्रेड और इन्वेस्टमेंट, डिफेंस और सिक्योरिटी, क्लीन टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन में अपने सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे। भारत की मजबूत इकोनॉमिक ग्रोथ, इसके मार्केट का साइज़ और इन्वेस्टमेंट के पक्ष में नीतियां पोलिश बिजनेस के लिए बहुत सारे मौके देती हैं। हम गहरे कल्चरल और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने पर भी विचार करेंगे।
भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि आज हमारी बातचीत में जाहिर है कि रीजनल और ग्लोबल डेवलपमेंट शामिल होंगे। खास तौर पर हमारे अपने-अपने पड़ोस पर असेसमेंट का लेन-देन फायदेमंद होगा। हाल ही में, पिछले सितंबर में न्यूयॉर्क में और इस जनवरी में पेरिस में, मैंने यूक्रेन विवाद और उसके असर पर हमने खुलकर अपने विचार शेयर किए। ऐसा करते हुए, मैंने बार-बार इस बात पर भी जोर दिया है कि भारत को खास तौर पर टारगेट करना गलत और अन्यायपूर्ण दोनों है।
क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद से निपटने पर सहमति
पोलैंड उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने कहा मुझे जयपुर लिटरेरी फेस्टिवल में शामिल होकर बहुत खुशी हुई, यह एक बड़ा ग्लोबल कल्चरल इवेंट है। मैं आपसे पूरी तरह सहमत हूं कि ट्रांसनेशनल, ट्रांस बॉर्डर आतंकवाद का मुकाबला करने की जरूरत है। पोलैंड आगजनी और स्टेट आतंकवाद की कोशिश, दोनों का शिकार रहा है।
सिकोरस्की ने टैरिफ के जरिए सेलेक्टिव टारगेटिंग को बताया गलत
सिकोरस्की ने टैरिफ पर कहा कि मैं टैरिफ के जरिए सेलेक्टिव टारगेटिंग के गलत होने पर भी आपसे पूरी तरह सहमत हूं और हम यूरोप में इसके बारे में भी कुछ जानते हैं। हमें डर है कि यह ग्लोबल ट्रेड में उथल-पुथल की ओर बढ़ रहा है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि इंडिया यूरोप में जुड़ा रहेगा। हमने देखा है कि आप यूरोप में हर जगह एम्बेसी बना रहे हैं, जिसका मतलब है कि आप यूरोपियन यूनियन के साथ रिश्तों को लेकर सीरियस हैं।