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क्या झामुमो और भाजपा के साथ आने से बन सकती है झारखंड में NDA की सरकार? जानिए क्या कहता है समीकरण

Written by:Rishabh Namdev
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इस समय झारखंड में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि महागठबंधन टूट सकता है। झामुमो कांग्रेस का साथ छोड़ सकती है और अब बीजेपी का दामन थामकर सरकार बना सकती है। चलिए जानते हैं क्या ऐसा हो सकता है? विधानसभा का समीकरण क्या कहता है।
क्या झामुमो और भाजपा के साथ आने से बन सकती है झारखंड में NDA की सरकार? जानिए क्या कहता है समीकरण

देश में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा झारखंड की हो रही है। झारखंड में इस समय राजनीतिक बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। एक तरफ बिहार में जहां महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी ओर अब झारखंड में भी बड़ा झटका लगता हुआ नजर आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि अब झारखंड में झामुमो महागठबंधन का साथ छोड़ सकती है और बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना सकती है। दरअसल बिहार विधानसभा चुनाव में एक भी सीट पर चुनाव लड़ने का मौका न मिलने पर झामुमो गठबंधन से नाराज़ है और इस नाराज़गी के बाद ही झारखंड के मुख्यमंत्री सोरेन पत्नी के साथ दिल्ली में जमे हुए हैं और भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ मीटिंग कर रहे हैं।

हालांकि सबसे बड़ा सवाल है कि क्या झामुमो बीजेपी के साथ मिल जाती है तो सरकार बन पाएगी। चलिए जानते हैं कि अगर ऐसा होता है तो क्या दोनों के पास बहुमत की सीटें हो पाएंगी या समीकरण क्या कहता है, इस पर नजर डालते हैं।

जानिए क्या कहता है समीकरण?

दरअसल साल 2024 में हुए झारखंड विधानसभा चुनाव में 81 विधानसभा सीटों पर झामुमो और कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन को जीत मिली थी। महागठबंधन ने पूरा खेल पलट दिया था और 81 में से 56 सीटें अपने नाम दर्ज की थीं। इन 56 सीटों का खेल समझा जाए तो सबसे ज्यादा सीटें झामुमो के पास थीं। झामुमो ने 34 सीटें जीती थीं, जबकि 16 सीटें कांग्रेस ने जीतीं और चार सीटें राजद तथा दो सीटें लेफ्ट पार्टी के नाम रहीं। वहीं दूसरी ओर 20 सीटें बीजेपी के पास मौजूद हैं। नए समीकरण के मुताबिक अगर बीजेपी और झामुमो मिल जाते हैं तो दोनों की सीटें मिलकर 54 हो जाएंगी और झारखंड में सरकार बनाने के लिए बहुमत की सीट मात्र 42 है। ऐसे में दोनों पार्टियां मिलकर आसानी से झारखंड में सरकार बना सकती हैं।

क्या झामुमो महागठबंधन का साथ छोड़ेगी?

समीकरण के हिसाब से तो ये सरकार बना सकती हैं। लेकिन क्या वाकई झामुमो महागठबंधन का साथ छोड़ेगी, यह देखना दिलचस्प रहेगा। हालांकि दावा किया जा रहा है कि 28 नवंबर के बाद से ही झामुमो के बड़े नेता भाजपा के संपर्क में हैं। अगर झामुमो की सभी समर्थक पार्टियां भी भाजपा में शामिल होती हैं तो एनडीए का खेमा और बढ़ जाएगा। एनडीए के पास 34 झामुमो की सीटें हो जाएंगी, 20 बीजेपी की, और साथ ही लोजपा और जदयू की एक-एक सीट मिलकर कुल 57 सीटें हो जाएंगी। जिसके चलते महागठबंधन टूट जाएगा और एक और राज्य में उनकी सरकार गिर जाएगी, जबकि एनडीए एक और राज्य में अपनी सरकार बना लेगा। हालांकि अब तक झामुमो की ओर से इसे लेकर आधिकारिक तौर पर साफ नहीं किया गया है कि क्या वाकई वह गठबंधन से नाराज़ है और बीजेपी के संपर्क में है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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